नई दिल्ली (टेक डेस्क)। दुनियाभर के चुनावों में राजनीतिक विज्ञापनों के माध्यम से दखल को रोकने के लिए सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनियों फेसबुक और ट्विटर ने नए दिशा-निर्देशों की घोषणा की है। ये निर्देश पहले अमेरिका में लागू किए जाएंगे। 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में फर्जी पोस्ट और विज्ञापनों के जरिये रूस के हस्तक्षेप का मामला सामने आने के बाद दोनों कंपनियों ने यह कदम उठाया है।

पहचान और पते की करनी होगी पुष्टि

नए नियम के अनुसार विज्ञापन देने वालों को अपनी पहचान और पते की पुष्टि करानी होगी। फेसबुक पर दिए जाने वाले सभी राजनीतिक विज्ञापनों के ऊपर "पेड फॉर बाई" का विकल्प उपलब्ध होगा। इस पर क्लिक कर यूजर जान लेगा कि उस विज्ञापन के लिए किसने पैसा दिया है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर राजनीतिक विज्ञापन देने वालों को कंपनी से प्रमाणपत्र हासिल करना होगा।

मानने होंगे सभी नियम

ट्विटर ने कहा,  विज्ञापन दाताओं को साइट के सभी नियम मानने होंगे। अपनी जानकारी देने के साथ उन देशों का नाम भी बताना होगा जहां ये विज्ञापन प्रसारित किए जाएंगे। ये सभी नियम संघीय चुनाव आयोग (एफईसी) में पंजीकृत राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों पर लागू होंगे। किसी उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में डाले गए विज्ञापनों पर भी ये नियम लागू होंगे।

विज्ञापन देने वाले की जानकारी ना हो तो यूजर कर सकते हैं शिकायत

फेसबुक पर अगर कोई ऐसा विज्ञापन दिखे जो यूजर के हिसाब से राजनीतिक है लेकिन उसमें "पेड फॉर बाई" का विकल्प ना हो तो वह उसकी शिकायत कर सकता है।

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