यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vastu Tips for Sleeping: जाने सोने का सही तरीका, धन और स्वास्थ्य का कभी नहीं होगा नुकसान
वास्तु शास्त्र में व्यक्ति के सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक के नियम बताए गए हैं। इन नियमों ...और पढ़ें

नई दिल्ली, आध्यात्म डेस्क। Vastu Tips for Sleeping: आज के समय में बच्चों से लेकर युवाओं तक में देर से सोने और देर से उठने की आदत पाई जाती है। यह आदत आयुर्वेद की दृष्टि से सही तो खराब है ही, साथ ही वास्तु शास्त्र में भी इस आदत को शुभ नहीं माना गया है। वास्तु शास्त्र में सोने और उठने के कुछ नियम बताए गए हैं। जिनका ध्यान रखने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
क्या है सोने का सही समय
सूर्यास्त के तीन पहर अर्थात लगभग तीन घंटे बाद सोना चाहिए। सोते समय आपका सिर दीवार से कम से कम तीन हाथ की दूरी पर होना चाहिए। शाम के समय भी सोना शुभ नहीं माना जाता। साथ ही यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं है।
किस दिशा में होना चाहिए सिर
पुराणों से लेकर ज्योतिष शास्त्र में सोते समय दिशा का ध्यान रखना बहुत जरूरी बताया गया है। व्यक्ति को हमेशा पूर्व या दक्षिण दिशा की तरफ सिर करके सोना चाहिए। इससे धन और आयु में वृद्धि होती है। साथ ही कभी भी पश्चिम व उत्तर दिशा में मुंह करके नहीं सोना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से रोग बढ़ने की संभावना रहती है।
किन गलतियों को करने से बचें
कई लोगों की आदत होती है कि वह सोफे या कुर्सी पर बैठे-बैठे सो जाते हैं। सेहत और वास्तु दोनों की ही दृष्टि से यह ठीक नहीं हैं। बेड पर बैठकर भोजन करना भी अशुभ माना गया है। सोते समय माथे पर तिलक भी नहीं लगाना चाहिए।
उठते समय किन बातों का रखें ध्यान
सुबह बिस्तर से उठते समय दायीं तरफ से उठकर बिस्तर छोड़ना चाहिए। अचानक से बिस्तर छोड़ने से दिल पर दबाव पड़ता है जिससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। शास्त्रों के अनुसार, सुबह उठने पर पहले झुककर धरती का स्पर्श करना चाहिए फिर पैर जमीन पर रखना चाहिए। शास्त्रों का यह नियम भी विज्ञान के इस सिद्धांत पर आधारित है।
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