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Vastu Upay: इसलिए नहीं लेना चाहिए कॉर्नर वाला घर, बढ़ सकती हैं परेशानियां

अपना घर लेना हर व्यक्ति का सपना होता है। किसी भी व्यक्ति के लिए अपना खुद का मकान लेना बड़ी ही खुशी की बात होती है। ऐसे में यदि आप घर लेते समय वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं तो इससे आपकी खुशियां दोगुनी हो सकती हैं। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि आप किस तरह वास्तु दोष से बचे रह सकते हैं।

By Suman Saini Edited By: Suman Saini Thu, 11 Jul 2024 11:56 AM (IST)
Corner Home Vastu Tips इसलिए नहीं लेना चाहिए कॉर्नर वाला घर।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि किसी मकान को खरीदते समय या बनाते समय वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाए, तो ऐसे में व्यक्ति कई तरह की समस्याओं से बचा रहता है। ऐसे में कार्नर यानी तीन ओर से खुला हुआ मकान लेना वास्तु की दृष्टि से ठीक नहीं माना जाता है। चलिए जानते हैं ऐसा क्यों?

सही नहीं होते ये मकान

वास्तु शास्त्र में माना गया है कि कार्नर वाला घर खरीदने से व्यक्ति की जीवन की समस्याएं बढ़ने लगती हैं, क्योंकि ऐसे घर को केतु का घर माना जाता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में केतु ग्रह को एक क्रूर ग्रह माना गया है। वहीं वास्तु शास्त्र के मुताबिक अगर दो सड़के वी (V) शेप में मकान की तरफ आ रही हो, तो यह भी शुभ नहीं माना जाता। इसके साथ ही सड़क के दाई ओर मौजूद एल (L) शेप वाला मकान भी शुभ परिणाम नहीं देता।

मिलते हैं ये परिणाम

कार्नर वाले घर में रहने से व्यक्ति के जीवन की समस्याएं बढ़ जाती हैं। इससे व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है। साथ ही इस मकान में रहने वाले सदस्यों को धनहानि, परिवार में लड़ाई-झगड़े आदि होने लगते हैं। साथ ही वास्तु शास्त्र में माना गया है कि ऐसे घर में नकारात्मकता का प्रवेश जल्दी होता है।

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कर सकते हैं ये उपाय

यदि आप भी कॉर्नर वाले घर में रह रहे हैं, तो इससे बुरे परिणामों से बचने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं। अगर आप एल (L) शेप के मकान में रहते हैं, तो इसके लिए मुख्य द्वार को घर के मध्य में न बनाकर एक कोने में बनाना चाहिए। वहीं अगर आप वी (V) शेप के मकान में रहते हैं, तो इसके लिए रोड साइड वाले दरवाजे पर छोटे-छोटे पेड़-पौधे लगाने चाहिए। अगर आपके घर में दो दरवाजे हैं, तो दोनों को एक साथ न खोलें।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।