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घर में Vastu Dosh होने पर मिलते हैं कई संकेत, छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये टिप्स

वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर हर चीज को एक निश्चित स्थान पर रखा जाए तो इससे घर-परिवार में सकारात्मकता बनी रहती है। लेकिन कई लोग घर या दुकान आदि बनवाते समय वास्तु का ख्याल नहीं रखते हैं जिस कारण उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चलिए जानते हैं वास्तु दोष के कुछ असरदार उपाय।

By Suman Saini Edited By: Suman Saini Wed, 10 Jul 2024 11:05 AM (IST)
Vastu Dosh tips वास्तु दोष से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये टिप्स।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माना जाता है कि घर और कार्यक्षेत्र में वास्तु नियमों का ध्यान रखने से व्यक्ति की कई तरह की समस्याएं भी हल हो जाती हैं। लेकिन अगर घर में वास्तु दोष लग जाए तो ऐसी स्थिति में जीवन की मुश्किलें बढ़ने लगती हैं। तो चलिए जानते हैं कि वास्तु दोष लगते पर क्या संकेत मिलते हैं और इससे किस प्रकार छुटकारा पाया जा सकता है।

ये हो सकते हैं कारण

यदि घर या कार्यक्षेत्र के निर्माण के दौरान, वास्तु नियमों का ध्यान न रखा जाए, तो ऐसे में वास्तु दोष लगने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा और टॉयलेट पूर्व दिशा में होने पर वास्तु दोष लग सकता है। इसके साथ ही

मिलने लगते हैं ये संकेत

जब घर में वास्तु दोष लगता है तो गृह क्लेश की स्थिति बनी रहती है। इसके साथ ही व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। वास्तु दोष होने पर घर का कोई न कोई सदस्य लगातार बीमार बना रहता है। वहीं, व्यक्ति को धन संबंधित समस्याएं भी बनी रहती है और फिजूलखर्ची बढ़ जाती है।

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करें ये उपाय

घर में वास्तु दोष लगने पर वास्तु शांति का पाठ करवाना चाहिए। साथ ही चांदी की वास्तु बनाकर घर के ईशान कोण में रख दें। वहीं अगर, घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है, तो उसे बंद कर देना चाहिए। इसके साथ ही सुबह-शाम पूजा के दौरान कपूर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। कपूर का दीपक जलाकर इसे घर के कोने-कोने में दिखाएं। इससे वास्तु दोष दूर होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।