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    Sawan 2025: बेहद खास है सावन का महीना, दर्शन मात्र से सभी मुरादें पूरी करते हैं महादेव

    Updated: Wed, 16 Jul 2025 10:28 AM (IST)

    विशेष कर सावन (Sawan 2025) में ज्योतिर्लिंग के दर्शन और एक लोटा जल व बिल्वपत्र से भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं। शिव पुराण में श्रावण मास का विशेष महत्व बताया गया है। इसमें जहां भी और जैसे भी हो शिवलिंग पर जल और बिल्वपत्र अवश्य चढ़ाएं। यहां पर नर्मदा मैया भी प्रवाहमान है।

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    Sawan 2025: बिल्वपत्र से भोलेनाथ होते हैं प्रसन्न

    पंडित नीलेश पुरोहित (अध्यक्ष श्रीतीर्थ पंडा संघ ओंकारेश्वर)। सावन मास भक्तों को स्वयं श्री शिव माव भकता निकटवल जाने और मनोरथ पूर्ण करने का समय है। यह भगवान भोलेनाथ का अत्यंत प्रिय मास है, क्योंकि ईश्वर की आराधना के लिए चातुर्मास का पहला महीना सावन है। इस दौरान चार माह सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में होता है। इस दौरान इनकी आराधना विशेष फलदाई होती है।

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    शिव पुराण में बताया गया है सावन का महत्व

    विशेष कर सावन में ज्योतिर्लिंग के दर्शन और एक लोटा जल व बिल्वपत्र से भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं। शिव पुराण में श्रावण मास का विशेष महत्व बताया गया है। इसमें जहां भी और जैसे भी हो, शिवलिंग पर जल और बिल्वपत्र अवश्य चढ़ाएं। यहां पर नर्मदा मैया भी प्रवाहमान है।

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    सावन में ओंकारेश्वर के दर्शन करने का है खास महत्व

    उनका जल ओंकारेश्वर- ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग को अर्पण करने से वर विशेष फल मिलता है। ऐसी मान्यता है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग जो कि राजा मांधाता की तपस्या से स्वयंभू रूप में प्रकट हुए थे और राजा मांधाता मां के गर्भ से पैदा न होकर अपने पिता के गर्भ से पैदा हुए थे। उनकी तपस्या का तेज आज भी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दिखता है। अतः सावन मास में भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन पूजन और अभिषेक का विशेष महत्व है। यह महीना कठोर तपस्या और आराधना का भी महीना है।

    सावन में मनाए जाते हैं ये त्योहार

    सावन माह में हरियाली तीज, नाग पंचमी, श्रावणी पूर्णिमा (रक्षा बंधन) जैसे महत्वपूर्ण त्योहार भी मनाए जाते हैं। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग सावन मास में दर्शन मात्र से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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