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नाग पंचमी के दिन सुई-धागे का इस्तेमाल करना क्यों है मना? जानिए राहु-केतु से इसका गहरा कनेक्शन

Published: Mon, 17 Aug 2026 09:38 AM (IST)

नाग पंचमी पर सुई-धागे का इस्तेमाल वर्जित माना गया है, क्योंकि ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव से जुड़ा है।

सुई-धागे से जुड़ी गलती न करें  (Picture Credit: AI Generated)

सुई-धागे से जुड़ी गलती न करें (Picture Credit: AI Generated)  

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन के महीने में बेहद उत्साह के साथ नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर नाग देवता की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग देवता को दूध अर्पित करने से जीवन के सभी दुख दूर होते हैं। साथ ही महादेव के संग नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है।

शास्त्रों में नाग पंचमी से जुड़े नियम के बारे में बताया गया है। इन्हीं नियम में से एक है सुई-धागे और नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करना। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वर्जित कामों को करने से व्यक्ति पर सर्प दोष या राहु-केतु का नकारत्मक प्रभाव पड़ता है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि नाग पंचमी के दिन सुई-धागे का प्रयोग क्यों नहीं करना चाहिए। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के श्री चंद्रेश शर्मा जी के अनुसार बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।

सुई-धागे का न करें इस्तेमाल

नाग पंचमी के दिन सुई, धागा, कैंची या सिलाई से जुड़े उपकरणों का उपयोग पूर्णतः वर्जित माना गया है।

"छेदने भेदन चैव सर्पकोपो प्रजायते।" — लोक परंपरा व ज्योतिष

राहु और केतु से कनेक्शन

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सुई को तीक्ष्णता और छिद्र करने का प्रतीक माना गया है, जिसका सीधा संबंध राहु और केतु ग्रहों के प्रभाव से है:
नाग देव पर चोट की मान्यता: इस दिन सुई चलाने या कपड़ा सीने से ऐसा माना जाता है कि नाग देवता के फण पर चोट पहुंचती है, जिससे परिवार पर सर्प दोष या राहु-केतु का कुप्रभाव पड़ सकता है।
शांति और पूजा का विधान: इस दिन छेद करने वाले कार्यों से दूर रहकर केवल शांति, अहिंसा और पूजा-अर्चना का विधान अपनाया जाता है।

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जरूर करें ये उपाय

  • नाग पंचमी के दिन पूजा के समय ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इसके अलावा राहु-केतु के बीज मंत्रों का भी जप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को सच्चे मन करने से राहु और केतु का अशुभ प्रभाव दूर होता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
  • इस दिन जल में लाल पुष्प और लाल चंदन मिलाकर महादेव का अभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से राहु-केतु के नकारात्मक से मुक्ति मिलती है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
  • इसके अलावा मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना लाभकारी माना जाता है। दान के दौरान मन में किसी के बारे में गलत न सोचें। इस गलती को करने से दान का पुण्य प्राप्त नहीं होता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।