नाग पंचमी 2026: सावन सोमवार का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
नाग पंचमी 2026 का त्योहार श्रावण सोमवार के दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा, जिसमें नाग देवता की पूजा का विशेष ...और पढ़ें
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नाग पंचमी 2026 की संपूर्ण जानकारी
HighLights
नाग पंचमी 2026 श्रावण सोमवार के दुर्लभ संयोग में मनाई जाएगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 4 मिनट से 8 बजकर 39 मिनट तक।
नाग देवता की पूजा से काल सर्प दोष और बुरी शक्तियां दूर होती हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नाग पंचमी का त्योहार संपूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में सांपों को संस्कृति का अहम हिस्सा माना गया है। हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के मौके पर देश भर में अलग-अलग पूजा पद्धति और रीति रिवाज से पूजा की जाती है।
हिंदू धर्म में सांपों को इसलिए भी पूजा जाता है, क्योंकि इनका संबंध भगवान शिव, श्री विष्णु समेत कई देवी-देवताओं से जुड़ा माना जाता है। आइए जानते हैं नाग पंचमी 2026 से जुड़ी संपूर्ण जानकारी के बारे में।
नाग पंचमी और श्रावण सोमवार का दुर्लभ संयोग
आज का दिन कई मायनों में खास रहने वाला है। श्रावण मास का तीसरा सोमवार होने के साथ नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत कल यानी 16 अगस्त की शाम 4 बजकर 52 मिनट पर शुरू हो गई थी, जो आज यानी 17 अगस्त को शाम 5 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के हिसाब से नाग पंचमी का त्योहार आज ही मनाया जाएगा।
नाग पंचमी 2026 पूजा शुभ मुहूर्त
आज नाग पंचमी के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। नाग देवता की पूजा के लिए सुबह 6 बजकर 4 मिनट से लेकर 8 बजकर 39 मिनट तक का समय बेहद शुभ रहने वाला है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, नाग पंचमी के मौके पर नाग देवता की पूजा करने से काल सर्प दोष की समस्या कभी नहीं सताती है। इसके अलावा बुरी शक्तियों से बचाव के साथ घर में शांति और सुरक्षा का वास होता है।
सोमवार का दिन होने के कारण शिव भक्त एक ही दिन में भगवान शंकर और नाग देवता का जलाभिषेक कर सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में नाग देवता की पूजा करने काल सर्प दोष की समस्या खत्म होती है।
नाग पंचमी 2026 पूजा विधि
नाग पंचमी पर सही तरीके से पूजा करने पर इसका फल कई गुना बढ़कर मिलता है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से इन नियमों को फॉलो करें-
नाग पंचमी के मौके पर सुबह जल्दी उठकर साफ कपड़े पहनें। व्रत और पूजा का संकल्प लें।
इसके बाद मंदिर या घर पर स्थापित शिवलिंग पर सबसे पहल जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फूल अर्पित करें।
शिव पुराण के मुताबिक, श्रावण सोमवार और नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर शिवलिंग के ऊपर नीले रंग का अपराजिता का फूल अवश्य करें। इस उपाय को करने से जीवन में दुख-दरिद्रता खत्म होती है।
नाग देवता की पूजा के लिए घर में प्रतिमा या मूर्ति स्थापित कर, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
इसके बाद नाग पंचमी की कथा सुनना या पढ़ना चाहिए। अंत में भगवान शिव व नाग देवता की आरती करें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
