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    14 साल बाद ही क्यों कारावास से मुक्त हुईं थीं मां देवकी? भगवान राम से जुड़ा है कनेक्शन

    Updated: Thu, 17 Apr 2025 04:55 PM (IST)

    मां देवकी को 14 सालों का कारावास इसलिए भोगना पड़ा क्योंकि उन्हें कैकेयी के रूप में अपने पिछले जन्म के कर्मों का फल भोगना था। दरअसल उन्होंने त्रेता युग में राजा दशरथ से प्रभु श्रीराम के लिए वनवास का वरदान मांगा था जिसके फलस्वरूप उन्हें भी मां देवकी के रूप में 14 सालों का कारावास भोगना पड़ा और इस बार मां कौशल्या देवी यशोदा के रूप में अवतरित हुई थीं।

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    Maa Devaki Imprisonment: किसका अवतार थीं माता देवकी?

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवी देवकी यानी भगवान श्रीकृष्ण की मां के 14 साल के कारावास को लेकर कई सारी पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। उन्होंने जीवन में बहुत से कष्टों का सामना किया, जिनमें से एक था उनके पति वासुदेव के साथ 14 सालों का कारावास। कंस के अत्याचार और भविष्यवाणी के कारण उन्हें यह कठिन समय भोगना पड़ा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां देवकी के इस कारावास का भगवान राम से भी एक गहरा संबंध है? तो चलिए इस रहस्य (Maa Devaki Imprisonment) को जानते हैं।

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    मां देवकी ने की प्रार्थना

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, पूर्व जन्म में मां देवकी अदिति थीं और उनके पति कश्यप ऋषि थे। उस समय, रावण ने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अपना अधिकार जमा लिया था। अदिति अपने पुत्रों की दुर्दशा देखकर बहुत दुखी थीं और उन्होंने भगवान विष्णु से प्रार्थना की कि वे उनके पुत्रों को रावण के अत्याचार से मुक्ति दिलाएं।

    भगवान विष्णु ने अदिति की प्रार्थना सुनी और उन्हें कहा कि वे रावण का वध करने के लिए पृथ्वी पर अवतार लेंगे। इसी जन्म में भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर देवताओं को उनका खोया हुआ राज्य वापस दिलाया।

    ऐसा कहा जाता है कि इस जन्म में अदिति ने भगवान विष्णु से यह भी वरदान मांगा था कि वे अगले जन्म में उनके पुत्र के रूप में भी जन्म लें। भगवान विष्णु ने उनकी यह इच्छा भी स्वीकार की।

    कंस की मृत्यु का कारण

    ऐसा कहते हैं कि अदिति अगले जन्म में देवकी बनीं और कश्यप ऋषि वासुदेव बनें। अब बात आती है उनके 14 साल के कारावास की। कहते हैं कि एक भविष्यवाणी में कहा गया था कि मां देवकी के आठवें पुत्र के हाथों से ही कंस की मृत्यु होगी, जिस भय से कंस ने अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को कारागार में डाल दिया था और उनके एक-एक करके सात पुत्रों को मार डाला, जिससे वह मृत्यु के प्रकोप से बच सकें।

    भगवान राम से जुड़ा है कनेक्शन

    मां देवकी के 14 सालों का कारावास का कनेक्शन भगवान राम से जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि जब त्रेता युग में राम जी ने पृथ्वी पर अवतार लिया था, तब उन्होंने 14 सालों का वनवास भोगा था, क्योंकि कैकेयी माता ने राजा दशरथ से प्रभु श्रीराम के लिए वनवास का वरदान मांगा था।

    और इसी के फलस्वरूप माता देवकी 14 साल का कारावास प्राप्त हुआ। दरअसल, ऐसा कहते हैं कि मां देवकी राजा दशरथ की पत्नी यानी माता कैकेयी का अवतार थीं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।