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विदुर नीति: बच्चों को बचपन से सिखाएं ये 5 बातें, जीवन में कभी नहीं खाएंगे धोखा

Published: Fri, 06 Nov 2026 09:00 AM (IST)

महात्मा विदुर की नीतियां बच्चों को जीवन में सही-गलत की पहचान कराती हैं, जिससे वे धोखे से बच सकें। माता-पिता ...और पढ़ें

विदुर नीति: बच्चों को बचपन से सिखाएं ये 5 बातें (Picture Credit: AI Generated)

विदुर नीति: बच्चों को बचपन से सिखाएं ये 5 बातें (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करने की सीख दें।

  2. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना और सोच-समझकर बोलना सिखाएं।

  3. बच्चों को लालच से हमेशा दूर रहने की प्रेरणा दें।

  4. अपनी कमजोरियां केवल भरोसेमंद लोगों को ही बतानी चाहिए।

  5. सही और गलत के बीच अंतर पहचानना बचपन से सिखाएं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों की अच्छी परवरिश केवल उन्हें पढ़ा-लिखाकर सफल बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन की सही और गलत की पहचान कराना भी होता है। बचपन में सीखी गई बातें जीवनभर उनके काम आती हैं। महाभारत के महात्मा विदुर ने अपनी नीतियों के माध्यम से जीवन, व्यवहार, रिश्तों और बुद्धिमानी से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं।

उनकी शिक्षाएं आज भी लोगों के लिए प्रासंगिक हैं। विदुर नीति के अनुसार, माता-पिता को बच्चों को कुछ ऐसी बातें सिखानी चाहिए जिससे जीवन में उन्हें कोई भी धोखा न दे सके। किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय अपनी बुद्धि और विवेक से काम लेना चाहिए। आइए जानते हैं जरूरी बातें, जिन्हें हर माता-पिता को अपने बच्चों को जरूर सिखाना चाहिए।

किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें

विदुर नीति की एक महत्वपूर्ण सीख है कि व्यक्ति को हमेशा सोच-समझकर विश्वास करना चाहिए। बच्चों को शुरुआत से ही समझाएं कि किसी के मीठे बोल सुनकर तुरंत उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

किसी व्यक्ति की पहचान उसके व्यवहार और कर्मों से होती है, केवल उसकी बातों से नहीं। बच्चे अगर किसी के साथ दोस्ती भी करें, तो इस बात को ध्यान में रखकर ही करें कि बातें किसी दूसरे को न बताएं।

सोच-समझकर कहें अपनी बात

बच्चों को बचपन से ही अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना सिखाना चाहिए। गुस्से में कही गई बात कई बार रिश्तों में दरार पैदा कर सकती है। उन्हें बताएं कि बिना सोचे-समझे किसी से कोई भी बात न करें और न ही दूसरों की बातों को इधर-उधर बताएं। समझदारी से बोलना जीवन में कई परेशानियों से बचाता है।

लालच से हमेशा दूर रहें

लालच व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को कमजोर कर सकता है। कई बार लोग बड़े फायदे का लालच देकर दूसरों को धोखा देते हैं। बच्चों को सिखाएं कि बिना मेहनत के कुछ बड़ा पाने की इच्छा उन्हें गलत रास्ते पर ले जा सकती है। मेहनत और ईमानदारी से हासिल की गई सफलता ही सबसे मूल्यवान होती है।

अपनी कमजोरी किसी को न बताएं

बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि हर व्यक्ति उनका हितैषी नहीं होता है, इसलिए अपनी परेशानियां, डर और कमजोरियां केवल भरोसेमंद लोगों को ही बताएं। उन्हें यह भी बताएं कि किसी की बातों में आकर अपनी निजी बातें या जरूरी चीजें किसी अनजान व्यक्ति को न दें।

सही और गलत की पहचान करना सीखें

महात्मा विदुर बताते हैं कि विवेक और समझदारी से निर्णय लेते हुए सही गलत की पहचान करें। बचपन से ही सही और गलत के बीच अंतर समझाना चाहिए। उन्हें सिखाएं कि दोस्ती या रिश्ते के दबाव में आकर गलत काम नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति उन्हें डराए या गलत काम करने के लिए प्रेरित करे, तो बिना संकोच माता-पिता को बताना चाहिए।

अगर आप भी बच्चों को महात्मा विदुर की ये सीख देंगे तो भविष्य में बच्चों को जीवन में कभी धोखा नहीं मिलेगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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