अपनों से ही सबसे बड़ा धोखा! महात्मा विदुर ने बताया कब अपने लोग ही बन जाते हैं बर्बादी की वजह
महात्मा विदुर ने अपनी नीतियों में बताया है कि कैसे अपने लोग ही कभी-कभी बर्बादी का कारण बन सकते हैं। ...और पढ़ें

महात्मा विदुर के अनुसार कब अपने ही बन जाते हैं बर्बादी का कारण (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
क्रोध में अपने लोग भी पहुंचा सकते हैं नुकसान।
लालची व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए धोखा दे सकता है।
गलत संगति अपनों को भी गलत राह पर ले जाती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जीवन में हर व्यक्ति चाहता है कि उसके अपने लोग सुख-दुख में उसका साथ दें और मुश्किल वक्त में सहारा बनें। कई बार आप जिन लोगों पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, वही आपकी परेशानी की वजह बन जाते हैं। यही नहीं ऐसे लोग कई बार आपके घर और परिवार को भी बर्बाद कर सकते हैं।
आपके लिए यह समझना जरूरी है कि कौन सच में हमारा हितैषी है और कौन अपनेपन की आड़ में नुकसान पहुंचा रहा है। यही नहीं महात्मा विदुर ने अपनी नीतियों में मनुष्य के स्वभाव, रिश्तों और व्यवहार से जुड़ी कई ऐसी बातें बताई हैं, जो आज के समय में भी प्रासंगिक मानी हैं।
आचार्य विदुर बताते हैं कि कुछ ऐसी परिस्थितियां आती हैं जब अपने लोग ही आपके लिए समस्याएं ला सकते हैं। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में कि कब आपके अपने ही बर्बादी की वजह बन सकते हैं?
क्रोध की अवस्था में
अगर अपने लोग ज्यादा क्रोध में आ जाते हैं, तो वो आपके जीवन के लिए भी संकट ला सकते हैं। ऐसी अवस्था में वो आपको चोट पहुंचा सकते हैं, आपके ऊपर कटु शब्दों का घात कर सकते हैं या फिर आपको किसी अन्य तरह से नुकसान तक पहुंचा सकते हैं।
क्रोध में आकर व्यक्ति अपनी बुद्धि से पूरी तरह से काम नहीं ले पाता है और किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता है, फिर चाहे कोई अपना ही क्यों न हो उसके लिए भी वो क्रोध के आवेश में बड़ी से बड़ी परेशानी की वजह बन सकता है। आपको क्रोध करने वाले व्यक्ति से क्रोध के समय दूरी बना लेनी चाहिए।
लालच में आकर
लालची व्यक्ति के लिए अपने और पराए में ज्यादा फर्क नहीं होता है। वह हमेशा अपने बारे में सोचता है। विदुर जी अपनी नीति में बताते हैं कि लालची व्यक्ति कितना भी अपना क्यों न हो वो आपको लालच में आकर परेशानी में डाल सकता है। आपको ऐसे व्यक्ति से हमेशा बचकर ही रहना चाहिए।
गलत संगति में पड़कर
इंसान की संगति का उसके विचारों, व्यवहार और फैसलों पर गहरा असर पड़ सकता है। कई बार व्यक्ति गलत लोगों के साथ रहकर ऐसी आदतें अपना लेता है, जो उसके परिवार और भविष्य के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। गलत संगति में पड़कर आपका कोई अपना भी आपके साथ खराब व्यवहार कर सकता है।
ऐसा व्यक्ति दूसरों की बहकावे वाली बातों में आ सकता है और अपने हितैषियों की सलाह को नजरअंदाज कर सकता है। यही नहीं किसी गलत फैसले की वजह से आपके जीवन में कई कठिनाइयों का कारण भी बन सकता है। विदुर जी की नीतियों के अनुसार आपको ऐसे व्यक्ति से दूरी बना लेनी चाहिए जो ऐसी संगति में हो।
अगर आपके किसी अपने में भी इनमें से कोई भी आदत है, तो वो आपको किसी बड़ी मुसीबत में डाल सकती है। आपको ऐसे लोगों से बचकर ही रहना चाहिए।
यह भी पढ़ें- विदुर नीति के अनुसार ऐसी संतान बनती है माता-पिता का सौभाग्य, यहां समझें बच्चे में कौन-से संस्कार हैं जरूरी?
यह भी पढ़ें- ऑफिस पॉलिटिक्स से बचकर कैसे पाएं तरक्की? विदुर नीति की 4 बातें बदल सकती हैं करियर
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
