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Tuls Pujan: घर में तुलसी लगाते समय इन नियमों का जरूर करें पालन, गलती करने पर देवी लक्ष्मी हो जाएंगी रुष्ट

हर घर में माता तुलसी (Tulsi Plant) खास स्थान होता है जहां घर के सदस्य पूजा-अर्चना करते हैं लेकिन इसके बावजूद कुछ जातकों को इसका शुभ परिणाम नहीं मिलता है। इसका कारण तुलसी के पौधे को लगाते समय की गई गलतियां (Vastu For Tulsi Plant At Home) होती हैं जिसे हर किसी को जानना बेहद ही जरूरी है तो आइए जानते हैं -

By Vaishnavi Dwivedi Edited By: Vaishnavi Dwivedi Published: Sun, 14 Apr 2024 11:43 AM (IST)Updated: Sun, 14 Apr 2024 11:43 AM (IST)
Tuls Niyam : घर में तुलसी लगाते समय इन नियमों का जरूर करें पालन

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Tuls Niyam: हिन्दू धर्म में तुलसी पूजा का बड़ा महत्व है। हर घर के आंगन में मां तुलसी का विशेष स्थान होता है, जहां घर के सदस्य पूजा-पाठ करते हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ जातकों को इसका शुभ परिणाम नहीं मिलता है। इसका कारण तुलसी के पौधे को लगाते समय की गई गलतियां होती हैं, जिसे हर शख्स को जानना बेहद ही जरूरी है, तो आइए जानते हैं तुलसी का पौधा लगाने की सटीक विधि क्या है ?

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तुलसी के पास रोशनी होनी चाहिए

तुलसी का पौधा लगाते समय उसके आस-पास रोशनी का पूरा ध्यान रखना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि तुलसी के पास सूर्य की रोशनी जरूर आनी चाहिए। साथ ही वहां पर अंधेरा नहीं होना चाहिए, जिस स्थान पर ऐसा नहीं होता है वहां धीरे-धीरे शुभता समाप्त होने लगती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ने लगता है।

सीधे जमीन पर न लगाएं तुलसी का पौधा

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घरों में तुलसी का पौधा गमले पर या उसके लिए विशेष स्थान बनवाकर लगाना चाहिए। इससे घर में सुख और शांति बनी रहती है। हालांकि तुलसी लगाते समय इस बात का ध्यान जरूर देना चाहिए कि वह सीधे जमीन पर न लगाया जाए, क्योंकि यह शुभ नहीं माना जाता है।

तुलसी के पास न रखें ये चीजें

तुलसी के आस-पास का स्थान हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। इसके पास भूलकर भी जूते चप्पल, झाड़ू और गंदे कपड़े नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा तुलसी को हमेशा स्नान के बाद ही छूना चाहिए। अगर आपके घर तुलसी का पवित्र पौधा है, तो आपको इन नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।

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डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'


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