Tulsi Plant: जानिए रविवार के दिन क्यों नहीं उतारे जाते तुलसी के पत्ते, इन तिथियों का भी रखें ध्यान
Tulsi Benefits लगभग सभी हिंदू घरों में तुलसी का पौधा मुख्य रूप से पाया जाता है। साथ ही सुबह-शाम इसकी पूजा करने का भी विधान है। मान्यताओं के अनुसार प्रतिदिन तुलसी में जल देने से और दीपक जलाने व्यक्ति का परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही शास्त्रों में तुलसी से संबंधित कई नियम भी बताए गए हैं।

नई दिल्ली, अध्यात्म। Tulsi Ke Niyam: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय माना गया है। तुलसी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्व रखती है बल्कि आयुर्वेद में भी इसके कई लाभ बताए गए हैं। साथ ही तुलसी से जुड़े कई नियम भी हैं जिनका ध्यान रखा जाना जरूरी है। ऐसा ही एक नियम है कि रविवार के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण।
तुलसी का धार्मिक महत्व (Tulsi Significance)
शास्त्रों में तुलसी के एक पत्ते की इतनी महिमा बताई गई है कि इसका एक पत्ता भी श्राद्ध और यज्ञ आदि में पुण्य देने का काम करता है। तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास माना गया है। मान्यता है कि जिस घर में प्रतिदिन तुलसी की पूजा की जाती है उस घर में हमेशा सुख और समृद्धि बनी रहती है। साथ ही आर्थिक परेशानियों और नकारात्मकता से भी छुटकारा मिलता है।
रविवार को नहीं उतारे जाते पत्ते
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय है। वहीं, हिंदू मान्यताओं के अनुसार रविवार का दिन भी भगवान विष्णु को समर्पित है। इसलिए रविवार के दिन तुलसी तोड़ना वर्जित माना गया है।
यह भी पढ़ें - Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि में घर में न रखें ये चीजें, वरना मिल सकते हैं अशुभ परिणाम
इस दिन भी न तोड़ें तुलसी
रविवार के अलावा, चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, एकादशी, द्वादशी और सूर्यास्त के बाद भी तुलसी के पत्तों को तोड़ना वर्जित माना जाता है। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इन तिथियों पर तुलसी जी भगवान श्री हरि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसलिए इन दिनों में तुलसी तोड़ने से बचना चाहिए। साथ ही इन तिथियों पर तुलसी में जल भी अर्पित नहीं किया जाता।
डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।