कलयुग का अंत: जब न धर्म बचेगा न इंसानियत, शिव पुराण में दर्ज हैं ये संकेत
शिव पुराण की भविष्यवाणी: शिव पुराण में कलयुग को लेकर कई रोंगटे खड़े करने वाली बातें कही गई हैं। जानिए ...और पढ़ें

कलयुग में इंसान का व्यवहार (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में समय के चक्र को चार युगों में बांटा गया है, सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलयुग। हम अभी जिस युग में जी रहे हैं, वह कलयुग है। जैसे जन्म के बाद मृत्यु तय है, वैसे ही युगों का बदलना भी निश्चित है।
लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि जब घोर कलयुग आएगा, तब इंसान का स्वभाव और यह समाज कैसा हो जाएगा? शिव पुराण में इसे लेकर कुछ ऐसी बातें लिखी हैं, जो आज के समय में काफी हद तक सच होती दिख रही हैं।
कलयुग के अंत में कैसा होगा इंसान?
शिव पुराण के विद्येश्वर संहिता के पहले और दूसरे अध्याय में इसका वर्णन मिलता है। घोर कलयुग आने पर इंसान पूरी तरह से पुण्य और अच्छे कर्मों से दूर हो जाएगा। लोगों के लिए सच्चाई कोई मायने नहीं रखेगी, वो झूठ और दूसरों की बुराई करने में ज्यादा रस लेंगे। इंसान के अंदर से दया खत्म हो जाएगी और उसकी सोच हिंसक हो जाएगी। लोग दूसरों की संपत्ति हड़पने की ताक में रहेंगे और स्वार्थ उनके सिर चढ़कर बोलेगा। लोग अपने ही शरीर को आत्मा समझने की भूल करने लगेंगे।
शिव पुराण में कलयुग को लेकर क्या कहा गया है?ल
शिव पुराण के अनुसार, कलयुग में लोग अपनी पारंपरिक जिम्मेदारियों और कर्मों को पूरी तरह भूल जाएंगे। पूजा-पाठ, धर्म और भगवान के प्रति श्रद्धा सिर्फ दिखावे की रह जाएगी। शिक्षा का असली लक्ष्य ज्ञान बांटना नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाना रह जाएगा। जो लोग ज्ञानी और विद्वान होंगे, वो भी अपने ज्ञान का इस्तेमाल सच खोजने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों से व्यर्थ की बहस जीतने के लिए करेंगे।
कलयुग के अंतिम समय में समाज में क्या बदलाव होंगे?
कलयुग के चरम पर समाज का ढांचा बुरी तरह टूट जाएगा। व्यापार में जमकर छल-कपट होगा और व्यापारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए नाप-तौल में बेईमानी करेंगे। अमीर लोग अपना पैसा अच्छे कामों के बजाय गलत शौक और व्यसनों में उड़ाएंगे। सामाजिक मर्यादाएं खत्म हो जाएंगी और लोग खुद को सबसे ऊंचा व कुलीन साबित करने की होड़ में हर नियम तोड़ देंगे।
इंसान के व्यवहार को लेकर क्या है भविष्यवाणी?
इंसान का व्यवहार बहुत क्रूर हो जाएगा। सबसे दुख की बात यह होगी कि लोग अपने ही माता-पिता से नफरत करने लगेंगे। पारिवारिक रिश्तों में कड़वाहट आ जाएगी। पति-पत्नी के रिश्ते में खटास आएगी और घर के बड़ों (सास-ससुर आदि) के प्रति सम्मान की भावना लगभग खत्म हो जाएगी। लोग अपनों को ही धोखा देने से भी नहीं हिचकेंगे।
कलयुग के अंत से पहले कौन से संकेत बताए गए हैं?
आज के समाज में बढ़ते झूठ, लालच, धोखाधड़ी, हिंसा और रिश्तों में दूरियों को देखकर कई बार लगता है कि शिव पुराण की ये बातें अब सच होने लगी हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलयुग की उम्र बहुत लंबी बताई गई है। इसलिए, वर्तमान समय को कलयुग का केवल शुरुआती चरण ही माना जाता है, इसके पूरी तरह खत्म होने में अभी बहुत लंबा समय बाकी है।
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