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शारदीय नवरात्र महाअष्टमी पर कन्या पूजन के लिए मिलेगा बहुत कम समय! राहुकाल में हटकर यहां पढ़ें शुभ मुहूर्त

Published: Sun, 18 Oct 2026 07:00 PM (IST)

शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जिस दिन कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। ...और पढ़ें

शारदीय नवरात्र महाअष्टमी पर कन्या पूजन शुभ मुहूर्त (Picture Credit: AI Ganerated)

शारदीय नवरात्र महाअष्टमी पर कन्या पूजन शुभ मुहूर्त (Picture Credit: AI Ganerated)

HighLights

  1. महाअष्टमी 19 अक्टूबर को, कन्या पूजन इसी दिन शुभ।

  2. ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल, अभिजीत मुहूर्त में करें पूजन।

  3. कन्या पूजन से मां दुर्गा का आशीर्वाद और सुख-समृद्धि।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस साल शारदीय नवरात्र का आरंभ 11 अक्टूबर को हुआ था और इसका समापन 20 अक्टूबर दशहरा के पर्व के साथ हो जाएगा। इस दौरान माता दुर्गा के अलगअलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और माता को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय आजमाए जाते है।

इन नौ दिनों में लोग श्रद्धा से माता के लिए व्रत उपवास करते हैं और अपनी परंपराओं के अनुसार अष्टमी या नवमी तिथि को कन्या पूजन किया जाता है। इस साल लोगों के मन में अष्टमी तिथि को लेकर कई सवाल हैं क्योंकि सप्तमी तिथि दो दिनों तक पड़ रही है। ऐसे में जो लोग अष्ठमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं उनके मन में कन्या पूजन के मुहूर्त को लेकर कई सवाल हैं।

नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी और महा नवमी की तारीखों को लेकर काफी उलझन है, क्योंकि सप्तमी तिथि दो दिनों तक पड़ रही है। शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर माता दुर्गा के अष्टम स्वरूप महा गौरी का पूजन किया किया जाता है और इस दिन को दुर्गा अष्टमी के रूप में भी मनाया जाता है। आइए आपको बताते हैं महा अष्टमी की सही तिथि और कन्या पूजन के सबसे शुभ मुहूर्त के बारे में।

शारदीय नवरात्र महाअष्टमी कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर, रविवार, प्रातः 8:27 बजे आरंभ होकर 19 अक्टूबर, प्रातः 10:51 बजे तक रहेगी। इसलिए उदया तिथि में अष्टमी 19 अक्टूबर को होने के कारण अष्टमी का कन्या पूजन इसी दिन करना शुभ होगा।

महाअष्टमी कन्या पूजन का मुहूर्त मुहूर्त क्या है?

जो लोग अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं वो 19 अक्टूबर में कुछ शुभ मुहूर्त में यदि कन्या पूजन करेंगे, तो उसके शुभ फल मिलेंगे। यहां पढ़ें इस दिन के लिए कन्या पूजन के सबसे शुभ मुहूर्त-

  • ब्रह्म मुहूर्त: 19 अक्टूबर, प्रातः 4 बजकर 52 मिनट से प्रातः 5 बजकर 40 मिनट तक
  • अमृत काल: 19 अक्टूबर, प्रातः 7 बजकर 28 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त: प्रातः11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक
  • अमृत काल: प्रातः 08:29 बजे से प्रातः 10:16 बजे तक
  • राहुकाल: प्रातः 07:50 से प्रातः 09:15 बजे तक

चूंकि अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर को प्रातः 10:51 पर समाप्त हो रही है, इसलिए आपके लिए अष्टमी तिथि का कन्या पूजन इससे पहले ही करना ठीक होगा। वहीं आपको राहुकाल से भी बचना चाहिए।

महाअष्टमी पर क्यों किया जाता है कन्या पूजन?

महाअष्टमी पर माता महागौरी की पूजा होती है और इस दिन कन्याओं का पूजन बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं में कन्या को देवी शक्ति का स्वरूप माना जाता है। कन्या पूजन को मां दुर्गा की पूजा का ही एक रूप माना जाता है और कन्या पूजन के बिना दुर्गा माता का पूजन भी अधूरा माना जाता है। इस दिन कन्याओं को माता के अलग-अलग स्वरूपों के रूप में पूजने से माता का आशीर्वाद बना रहता है और घर में सुख समृद्धि आती है।

अगर आप भी महाअष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन के सभी मुहूर्त की जानकारी लेना चाहते हैं, तो यहां बताए समय के अनुसार पूजन करना फलदायी होगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।