शारदीय नवरात्र 2026: मां दुर्गा का आगमन लाएगा सुख-समृद्धि, लेकिन विदाई के वाहन ने बढ़ाई चिंता! जानिए वजह
शारदीय नवरात्र 2026 में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जो शुभ संकेत है। वहीं, विजयादशमी पर मां मुर्गे पर प्रस्थान करेंगी, जिसे चुनौतियों का प्रतीक माना जाता है।

मां दुर्गा 2026 प्रस्थान वाहन
HighLights
मां दुर्गा का आगमन हाथी पर, शुभ संकेत।
विजयादशमी पर मुर्गे पर प्रस्थान चुनौतियों का संकेत माना जाता है।
वाहन का निर्धारण वार के आधार पर होता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र 2026 की भव्य शुरुआत हो चुकी है। आज नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा को समर्पित है। नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) के नौ दिन के दौरान मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त इस दौरान मां भगवती को प्रसन्न और उनकी कृपा हासिल करने के लिए व्रत भी रखते हैं।
हिंदू धर्म में नवरात्र के साथ-साथ मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का भी खास महत्व है। हर साल नवरात्रि आने से पहले लोगों में यह जानना की इच्छा होती है कि, माता रानी इस साल किस वाहन पर आ रही हैं और किस वाहन पर उनकी विदाई होगी।
ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे में शुभ-अशुभ संकेत देते हैं। आइए जानते हैं इस साल मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान वाहन के बारे में।
मां दुर्गा के आगमन का वाहन कैसा तय होता है?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, नवरात्र का प्रथम दिन यानी 'प्रतिपदा तिथि' के दिन कौन-सा वार है, उसके आधार पर मां भगवती के आगमन का वाहन तय किया जाता है।
इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्तूबर 2026, रविवार से हुई है। ऐसे में माना जाता है नवरात्र अगर रविवार या सोमवार से शुरू होती है, तो देवी का वाहन हाथी होता है।
मां दुर्गा इस वर्ष हाथी पर सवार होकर अपने भक्तों को असीम आशीर्वाद प्रदान करेंगी। भारतीय परंपरा में हाथी को शक्ति, भक्ति, स्थिरता, वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि देवी का हाथी पर आना धार्मिक नजरिए से बेहद शुभ माना जाता है। यह अच्छी बारिश और कृषि का संकेत माना जाता है।
मां दुर्गा इस साल किस वाहन पर प्रस्थान करेंगी?
नवरात्र की शुरुआत के बाद 20 अक्तूबर 2026 मंगलवार के दिन विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में देवी का प्रस्थान वाहन भी वार के आधार पर ही तय किया जाता है।
माना जाता है कि देवी मां अगर मंगलवार या शनिवार के दिन अपने भक्तों से विदा लेती हैं, तो उनका प्रस्थान मुर्गे पर होता है। धार्मिक परंपराओं में देवी के इस वाहन को शुभ नहीं माना जाता है। यह चुनौतियों, चिंता और सामाजिक अशांति से जुड़े संकेतों को दर्शाता है।
नवरात्रि मां दुर्गा के आगमन वाहन वार के आधार पर
| रविवार | हाथी |
| सोमवार | हाथी |
| मंगलवार | घोड़ा |
| बुधवार | नाव |
| गुरुवार | डोली |
| शुक्रवार | डोली (पालकी) |
| शनिवार | घोड़ा |
नवरात्रि मां दुर्गा के प्रस्थान वाहन वार के आधार पर
शशिसूर्यदिने यदि सा विजया महिषागमनेरुज शोककरा।
शनिभौमदिने यदि सा विजया चरणायुधयानकरी विकला॥
बुधशुक्रदिने यदि सा विजया गजवाहनगा शुभवृष्टिकरा।
सुरराजगुरौ यदि सा विजया नरवाहनगा शुभसौख्यकरा॥
| रविवार | महिष (भैंस) |
| सोमवार | महिष (भैंस) |
| मंगलवार | मुर्गे |
| शनिवार | मुर्गे |
| बुधवार | हाथी |
| शुक्रवार | हाथी |
| गुरुवार | मनुष्य की सवारी |
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