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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan Somvar Vrat 2025: सावन सोमवार के दिन कब और कैसे करें महादेव की पूजा, यहां जानें सबकुछ

Published: Tue, 08 Jul 2025 10:42 AM (IST)

वैदिक पंचांग के अनुसार सावन (Sawan 2025) की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इस माह को भगवान शिव ...और पढ़ें

Sawan Somvar Vrat 2025: सावन से जुड़े नियम
Sawan Somvar Vrat 2025: सावन से जुड़े नियम

HighLights

  1. सावन का विशेष महत्व है।
  2. इस माह में महादेव की पूजा होती है।
  3. सोमवार व्रत भी किया जाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। इस माह के दौरान शिव मंदिरो में बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। साथ ही महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त रोजाना विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और सोमवार का व्रत भी किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से विवाह में आ रही बाधा से छुटकारा मिलता है। साथ ही कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि (Sawan Puja Time) के बारे।

सावन सोमवार 2025 शुभ मुहूर्त (Sawan Somvar 2025 Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर सावन का पहला सोमवार पड़ रहा है। इस तिथि की शुरुआत 14 जुलाई को देर रात 01 बजकर 02 मिनट पर होगी और समापन 14 जुलाई को देर रात 11 बजकर 59 मिनट पर  होगा। ऐसे में 14 जुलाई को सावन सोमवार का पहला व्रत किया जाएगा और इसी दिन  गजानन संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी।

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ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 11 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक

विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 20 मिनट से 07 बजकर 40 मिनट तक

निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक

सावन सोमवार पूजा विधि (Sawan Somwar Puja Vidhi)

सावन सोमवार के दिन शुरुआत महादेव के नाम से करें। इसके बाद स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दें। मंदिर की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। भगवान शिव का अभिषेक करें और देसी घी का दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें। भगवान शिव को गंध, पुष्प, धूप, बेलपत्र, अक्षत समेत आदि चीजें अर्पित करें। व्रत कथा का पाठ करें। शिव मंत्रों और शिव चालीसा का पाठ करें। फल और मिठाई का भोग लगाएं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • सावन के महीने में तामसिक भोजन का भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
  • इसके अलावा काले रंग के कपड़े धारण न करें।
  • किसी से वाद-विवाद न करें
  • किसी के बारे में गलत न सोचें।
  • घर की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।