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    Sawan 2025 : त्रिग्रही योग में श्रवण मास का होगा शुभारंभ, भक्तों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा

    Updated: Sun, 06 Jul 2025 03:43 PM (IST)

    Sawan 2025 सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है जो भगवान शिव को समर्पित है। इस बार कई दशकों बाद शिववास के साथ प्रीति व आयुष्मान योग बन रहा है जो शिव भक्तों के लिए शुभ है। इस महीने में ग्रहों की चाल में बदलाव होगा और कई विशेष योग बनेंगे।

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    Sawan 2025 : सावन मास में भक्तों के लिए शुभ शिव योग का आशीर्वाद मिलेगा।

    जागरण संवाददाता, कौशांबी। देवों के देव महादेव का प्रिय महीना सावन इस बार 11 जुलाई से शुरू होकर नौ अगस्त पूर्णिमा के दिन समाप्त होगा। शिव आराधना के पर्व सावन मास का शुभारंभ त्रिग्रही योग में होगा। कई दशक बाद शिववास के साथ प्रीति व आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है, जो शिव भक्तों के लिए बेहद शुभ माना गया है।

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    हिंदू धर्म में सावन माह को अत्यंत पवित्र और भगवान शिव को समर्पित माना गया है। सावन के पहले ही दिन शिववास नाम का विशेष योग बन रहा है. इस शुभ योग में भगवान् शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान रहेंगे। मान्यता है कि इस योग में भोलेनाथ की पूजा और जलाभिषेक करने से सौभाग्य, सुख-समृद्धि तो मिलती है। श्रावण मास भोलेनाथ की सच्चे मन से उपासना करने का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। सावन के सोमवार और मास शिवरात्रि के विशेष अवसर पर अभिषेक-पूजा, व्रत कई गुना अधिक शुभ फल देता है। खास बात यह है कि सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को  है, और शिव भक्तों के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।

    ग्रहों की बदलेगी चाल, आएगी खुशहाली

    सावन महीने में भगवान शिव के भक्त महादेव की भक्ति में डूबे रहते हैं। हर सोमवार को व्रत रखेंगे और विधिवत भोलेनाथ की पूजा अर्चना करेंगे। ज्योतिषविदों की मानें तो इस पूरे माह में सूर्य, मंगल और शुक्र ग्रह अपनी राशियां बदलने वाले हैं। इसके साथ ही बुध और शनि वक्री अवस्था में रहेंगे, जिससे कई प्रभावशाली योगों का निर्माण होगा। ग्रहों की चाल में बदलावों के कारण सावन का यह महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से तो खास माना जा रहा है।

    सावन में बन रहे ये तीन खास योग

    शिव योग

    यह योग बहुत ही शुभ और दुर्लभ माना जाता है। जब नवम भाव का स्वामी दशम भाव में और दशम भाव का स्वामी पंचम भाव में होता है, तब यह योग बनता है। शिव योग भाग्यशाली लोगों के जीवन में विशेष उन्नति और सफलता का संकेत देता है।

    प्रीति योग

    यह योग प्रेम, स्नेह और संबंधों की मधुरता को बढ़ाने वाला माना गया है। सूर्य और चंद्र की विशेष स्थिति में बनने वाला यह योग रिश्तों में सामंजस्य और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

    आयुष्मान योग

    यह योग चंद्र और सूर्य की विशेष स्थिति से बनता है और दीर्घायु, स्वास्थ्य व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। आयुष्मान योग व्यक्ति के जीवन को स्थिरता और सफलता से भर सकता है।

    कब किस तारीख को पडेगा सावन सोमवार

    पहला सोमवार 14 जुलाई

    दूसरा सोमवार 21 जुलाई

    तीसरा सोमवार 28 जुलाई

    चौथा सोमवार 04 अगस्त

    सावन मास की पौराणिक कथा

    ज्योतिषाचार्य पं जयराम शुक्ल ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान् शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए श्रावण मास में कठोर तप किया था। इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। एक और मान्यता के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव पहली बार पृथ्वी लोक (ससुराल) आए. इसलिए उनका जलाभिषेक कर स्वागत किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले भीषण विष का पान किया था, जिससे उनका पूरा शरीर जलने लगा. तब सभी देवताओं ने भगवान शिव को इस विष के प्रभाव से मुक्त कराने के लिए उनका जलाभिषेक किया इससे उनके शरीर का तापमान सामान्य हुआ और उन्हें शीतलता मिली. यही कारण है कि सावन में भगवान शिव को जलाभिषेक अत्यंत प्रिय है. इस पूरे महीने शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी और गंगाजल अर्पित करना शुभ होता है।

    बोले, ज्योतिषाचार्य 

    ज्योतिषाचार्य पं जयराम शुक्ल ने कहा कि  हिंदू धर्म में सावन माह को अत्यंत पवित्र और भगवान शिव को समर्पित माना गया है। सावन के पहले ही दिन शिववास नाम का विशेष योग बन रहा है. इस शुभ योग में भगवान् शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान रहेंगे। मान्यता है कि इस योग में भोलेनाथ की पूजा और जलाभिषेक करने से सौभाग्य, सुख-समृद्धि तो मिलती है।