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    Sawan Somvar Vrat 2025: क्या सिर्फ महिलाएं ही रख सकती हैं सावन सोमवार व्रत? जानिए महत्व

    Updated: Wed, 09 Jul 2025 04:12 PM (IST)

    हिंदू धर्म में सावन का महीना बहुत पवित्र माना जाता है। यह पूरा महीना भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित है। सावन में आने वाले सोमवार का भी उतना ही महत्व है। भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए सावन सोमवार का व्रत करना एक उत्तम उपाय माना गया है।

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    Sawan Somvar Vrat 2025 कैसे करें सावन सोमवार व्रत?

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माना जाता है कि भगवान शिव कृपा जिस साधक पर बनी रहती है, उसके जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इसी के साथ सुखमय शादीशुदा जीवन, अच्छी सेहत और मानसिक शांति का आशीर्वाद भी साधक को मिलता है।

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    जहां कुवारीं कन्याएं सावन सोमवार व्रत अच्चे जीवनसाथी की कामना के लिए करती हैं, वहीं, विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस व्रत को करती हैं।लेकिन क्या पुरुष भी सावन सोमवार का व्रत कर सकते हैं, चलिए जानते हैं इस बारे में।

    क्या है मान्यता

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार व्रत करने से साधक को शिव जी कृपा की प्राप्ति होती है। साथ ही साधक की सभी मनोकामना भी पूरी होती हैं। ऐसे में यह स्त्री व पुरुष दोनों के द्वारा ही किया जा सकता है, जिससे उन्हें शिव जी की कृपा की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। 

    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    इस तरह करें पूजा 

    सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं और व्रत का संकल्प लें। आप मंदिर जाकर या फिर घर पर ही पूजा कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले शिवलिंग पर साफ जल या गंगाजल चढ़ाएं।

    इसके बाद शिव जी का पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, शक्कर) से अभिषेक करें। अंत में फिर से शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करें। इस दौरान “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जप करते रहें। बेलपत्र व अन्य सामग्री चढ़ाएं। दीपक जलाकर शिव जी की आरती करें और व्रत कथा सुनें।

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    करें इन मंत्रों का जप

    1. शिव जी का मूल मंत्र -

    ॐ नमः शिवाय॥

    2. महामृत्युंजय मंत्र -

    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    3. रूद्र मंत्र -

    ॐ नमो भगवते रूद्राय।

    4. रूद्र गायत्री मंत्र -

    ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।