सर्वपितृ अमावस्या की रात दिखे कोई 1 भी संकेत, तो समझें पूर्वज आपसे प्रसन्न हैं; बरसने वाला है आशीर्वाद
हिंदू धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व है, जिसे पूर्वजों की विदाई का समय माना जाता है। इस दिन ...और पढ़ें

सर्वपितृ अमावस्या पर दिखें ये संकेत तो समझें पूर्वज हैं प्रसन्न (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
सपने में पूर्वजों को खुश देखना, किस्मत बदलने का संकेत।
अतिथि का अचानक आगमन, पूर्वजों द्वारा तर्पण स्वीकारने का प्रतीक।
बड़ी खुशखबरी मिलना, पूर्वजों की पूर्ण कृपा का सूचक।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व होता है और इस दिन को पूर्वजों की विदाई का समय भी माना जाता है। इस दिन लोग अपने सभी पूर्वजों की शांति के लिए श्राद्ध कर्म करते हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध भी किया जाता है जिनकी मृत्यु की तिथि का पता न हो।
इस साल यह अमावस्या तिथि 10 अक्टूबर को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन को पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे अच्छा अवसर माना जाता है।
ऐसे में अगर आपको सर्वपितृ अमावस्या की रात कुछ संकेत दिखते हैं, तो समझना चाहिए कि आपके पितर आपसे प्रसन्न होकर पृथ्वी से जा रहे हैं और उनकी विशेष कृपा आपके ऊपर सदैव बनी रहेगी। आइए जानें कौन से हैं वो संकेत।
पूर्वजों को सपने में खुश देखना
अगर आपको सर्वपितृ अमावस्या की रात को ऐसा कोई सपना दिखाई देता है, जिसमें आप यह देखते हैं कि पूर्वज आपके ऊपर प्रसन्न हैं और हंसते हुए दिखाई देते हैं, तो समझें कि जल्द ही आपकी किस्मत बदल सकती है और आपके ऊपर पूवजों की कृपा है। यही नहीं यह आपके घर के सभी पितृ दोषों को दूर करने का संकेत भी माना जाता है।
किसी अतिथि का आगमन
अगर सर्व पितृ अमावस्या की रात को आपके घर में किसी अतिथि का अचानक से आगमन हो जाए, तो समझें आपके पूर्वजों से तर्पण और दान स्वीकार कर लिया है।
यह पूर्वजों के आशीर्वाद का संकेत होता है और आपको अतिथि का सत्कार पूरे ह्रदय से करना चाहिए। यही नहीं कई बार अतिथि का आगमन पूर्वजों की कृपा का संकेत होता है और जल्द ही आपका समय बदलने वाला है।
कोई खुशखबरी मिलना
अगर आपको सर्वपितृ अमावस्या की रात तक कोई बड़ी शुभ खबर मिले, तो समझें कि पूर्वजों की पूरी कृपा आपके ऊपर है। ऐसा हो सकता है कि आपकी शादी में कई दिनों से रुकावटें आ रही थीं, तो यह बाधा दूर हो जाए, आपको कहीं से रुका हुआ धन वापस मिल जाए या कोई भी अन्य अच्छी खबर आपको मिल सकती है। ऐसे में आपको इसे पूर्वजों का आशीर्वाद समझकर स्वीकारना चाहिए और उनका आभार व्यक्त करना चाहिए।
दीपक का प्रज्ज्वलित रहना
सर्वपितृ अमावस्या की रात को पूर्वजों के नाम का दीपक दक्षिण दिशा में जलाया जाता है और उनकी तृप्ति की कामना की जाती है। यदि आपका जलाया हुआ दीपक काफी देर तक प्रज्वालित रहता है, तो यह पूर्वजों के आशीर्वाद का संकेत माना जाता है।
अगर आपको भी सर्वपितृ अमावस्या के दिन यहां बताए संकेतों में से कोई भी संकेत दिखाई देता है, तो ये पूर्वजों के प्रसन्न होने की वजह से हो सकता है।
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