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    Sanatan Dharma: खाने के समय बाएं हाथ का प्रयोग क्यों माना जाता है अशुभ? जानिए क्या कहता है शास्त्र

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Thu, 29 Jun 2023 10:21 AM (IST)

    Sanatan Dharma सनातन धर्म में खाना हमेशा हाथ से खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि हाथों से खाया गया खाना सभी ऊर्जाओं आकाश वायु अग्नि जल और ...और पढ़ें

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    Sanatan Dharma खाने के समय बाएं हाथ का प्रयोग क्यों माना जाता है अशुभ।

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Sanatan Dharma: शास्त्र व्यक्ति को जीवन जीना सिखाता हैं। साथ ही शस्त्र हमें जीवन की रक्षा करना भी सीखातें है। शास्त्रों में भी जीवन जीने के कई तरीके बताए गए हैं जिन्हें अपनाया जाए तो व्यक्ति का जीवन बहुत ही आनंद से बीतता है। ऐसा ही एक नियम है सदैव सीधे हाथ यानी दाहिने हाथ से भोजन करने का नियम। क्या आप इसका कारण जानते हैं कि शास्त्रों में बाएं हाथ से खाना खाने की मनाही है। चलिए इसका कारण जानते हैं।

    इसलिए किया जाता है दाहिने हाथ का प्रयोग

    दाहिना हाथ सूर्य नाड़ी का काम करता है। यही कारण है कि हर एक काम जिसमें ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसमें दाहिने हाथ का  इस्तेमाल किया जाता है। वहीं हमारा बायां हाथ चंद्र नाड़ी का प्रतीक होता है। जिसके लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए ऐसा माना जाता है कि बाएं हाथ से हमेशा वही काम करने चाहिए जिसमें कम ऊर्जा लगती है।

    भोजन का माना गया है शुभ कार्य

    ऐसा माना जाता है कि सभी शुभ कार्यों को हमेशा दाहिने हाथ से ही करना चाहिए। भोजन को भी शुभ कार्यों में से एक माना जाता है। यही वजह है कि भोजन हमेशा दाहिने हाथ से करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

    यह भी है एक अन्य कारण

    बाएं हाथ से खाना खाने की मनाही का एक अन्य कारण यह भी है कि ज्यादातर लोग शौच आदि के लिए बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। बाएं हाथ का इस्तेमाल शरीर या अन्य स्थानों की गंदगी साफ करने के लिए किया जाता है। इसलिए भी इस हाथ से भोजन न करने की सलाह दी जाती है। इन्ही सब कारणों से शास्त्रों में बाएं हाथ से खाना खाने की मनाही है।

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'