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सामुद्रिक शास्त्र: व्यक्ति के चलने का तरीका खोलता है उसके स्वभाव के राज, जानें चाल से कैसे पहचानें व्यक्तित्व

Published: Sat, 19 Sep 2026 03:00 PM (IST)

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के चलने का तरीका उसके स्वभाव और व्यक्तित्व के कई गहरे राज खोलता है। तेज, ...और पढ़ें

सामुद्रिक शास्त्र से जानें व्यक्तित्व के रहस्य । (Picture Credit- AI Generated)

सामुद्रिक शास्त्र से जानें व्यक्तित्व के रहस्य । (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। केवल शरीर की बनावट ही नहीं बल्कि सामुद्रिक शास्त्र में व्‍यक्ति की चाल-ढाल को लेकर भी भविष्‍यवाणियां और संकेत जानने को मिलते हैं। सामुद्रिक शास्‍त्र में व्यक्ति के हाव-भाव और चलने के तरीके को भी उसके स्वभाव से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि व्यक्ति किस तरह चलता है, कदम कितने तेज या धीमे रखता है और चलते समय हाथ-पैरों की स्थिति कैसी रहती है, इससे उसके व्यक्तित्व के बारे में संकेत मिलते हैं। चलिए आज हम आपको इस बारे में विस्‍तार से बताते हैं।

तेज चलने वाले लोग

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार तेज कदमों से चलने वाले लोग साहसी, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी माने जाते हैं। ऐसे लोग अपने काम को जल्दी पूरा करने की कोशिश करते हैं और नई चुनौतियों का सामना करने से कभी पीछे नहीं हटते। इन पर मंगल ग्रह का प्रभाव माना जाता है। कहा जाता है कि ये विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने और जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं।

छोटे-छोटे कदमों से चलने वाले लोग

जिन लोगों की चाल छोटी और नियंत्रित होती है, उन्हें शांत, समझदार और मिलनसार स्वभाव का माना जाता है। सामुद्रिक शास्त्र में ऐसी चाल को बुध ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि ऐसे लोग बातचीत में अच्छे होते हैं और परिस्थितियों को समझकर फैसला लेना पसंद करते हैं। ये व्यावहारिक होते हैं और अपनी स्वतंत्र सोच के लिए जाने जाते हैं।

पैर घसीटकर चलने वाले लोग

कुछ लोग चलते समय अपने पैरों को जमीन पर घसीटते हैं। सामुद्रिक शास्त्र में ऐसी चाल को राहु और शनि के प्रभाव से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि ऐसे लोग किसी भी बात को लेकर बहुत ज्यादा सोच-विचार करते हैं। इतना ही नहीं , ये लोग कई बार सही निर्णय लेने में उलझ जाते हैं। ऐसे लोगों के आर्थिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है।

चलते समय हाथ हिलाने वाले लोग

जो लोग चलते वक्‍त हाथ हिलाते हुए चलते हैं, उन्हें मस्तमौला और जोशीला माना जाता है। ऐसे लोगों के बारे में मान्यता है कि वे अपनी जिंदगी को खुलकर जीना पसंद करते हैं। ये लोग छोटी-छोटी बातों पर तनाव नहीं लेते हैं और सकारात्मक सोच रखने वाले होते हैं।

सिर ऊंचा करके चलने वाले लोग

चलते वक्त सिर ऊंचा रखकर चलने वाले लोगों को आत्मविश्वासी और बहुत ज्यादा सोशल माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसे लोग दूसरे लोगों से मिलते-जुलते में सहज होते हैं और अपने रिश्तों को महत्व देते हैं। दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच इनकी सक्रियता भी अधिक होती है।

सिर झुकाकर चलने वाले लोग

सिर झुकाकर चलने की आदत को सामुद्रिक शास्त्र में अंतर्मुखी और गंभीर स्वभाव से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि ऐसे लोग विचारों में खोए रहते हैं और हर बात को अपने तरीके से समझने की कोशिश करते हैं। ये कम बोलने वाले और अपने निजी जीवन को दूसरों से अलग रखने वाले होते हैं।

हाथों को चौड़ा करके चलने वाले लोग

कुछ लोग चलते समय अपने हाथों को शरीर से थोड़ा दूर और खुला रखकर चलते हैं। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऐसी चाल वाले लोग खुले विचारों वाले, आत्मविश्वासी और अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने वाले होते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।