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Pitru Paksha में शाम के समय दीपक जलाने का क्या है महत्व, किस दिशा में जलाएं पितरों का दीया?

Published: Sun, 27 Sep 2026 09:32 AM (IST)

पितृ पक्ष में पितरों के लिए शाम को दीपक जलाने का विशेष महत्व है, जिससे उनका आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

पितृ पक्ष में पितरों के लिए दीपक कहां-कहां जलाएं। (Picture Credit- AI Generated)

पितृ पक्ष में पितरों के लिए दीपक कहां-कहां जलाएं। (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. पितृ पक्ष में शाम को दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

  2. पितृ दीप हमेशा दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाएं।

  3. मुख्य द्वार, पीपल या तुलसी के पास दीपक रखें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली।  पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के साथ कई परिवार पितरों के के लिए दीपक भी जलाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय पितरों के लिए दीपक जलाने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। एक मत यह भी है। शाम के वक्‍त घर के मुख्‍य द्वार पर इस लिए भी दीपक जलाया जाता है, ताकि घर के रास्‍ते में पितरों को अंधकार न नजर आए।

अगर आप भी पितृ पक्ष में पितरों के लिए दीपक जलाते हैं, तो इसकी सही दिशा और स्थान के बारे में जानना जरूरी है। तो चलिए इस बारे में विस्‍तार से जानते हैं। 

पितृ पक्ष में शाम को दीपक क्यों जलाते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में पूर्वजों का स्मरण और उनके लिए किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं। शाम के समय दीपक जलाकर पितरों को श्रद्धा अर्पित की जाती है। मान्यता है कि दीपक का प्रकाश पितरों के प्रति सम्मान और स्मरण का प्रतीक है। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है ।

दक्षिण दिशा में क्यों जलाया जाता है पितृ दीप?

हिंदू धर्म में दक्षिण दिशा को पितरों और यमराज से संबंधित दिशा माना गया है। इसलिए पितरों के लिए  दीपक जलाते समय दक्षिण दिशा का विशेष महत्व बताया जाता है।

पितृ पक्ष में शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर दीपक रखने से पितरों की आत्मा को  शांति मिलती है। उन्‍हें यह भी अनुभव होता है कि उनका परिवार पितृ पक्ष में उनकी राह देख रहा है। 

दीपक की लौ किस दिशा में होनी चाहिए?

पितरों के लिए दीपक जलाते समय उसकी लौ दक्षिण दिशा की ओर रखनी चाहिए।  दीपक में तिल का तेल या सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाना चाहिए। दीपक जलाते समय मन में अपने पूर्वजों को याद करें और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करें।

मुख्य द्वार पर कहां रखें पितृ दीप?

पितृ पक्ष में शाम के समय घर के मुख्य द्वार के बाहर पितरों के लिए दीपक जलाने की रीति है। दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसकी लौ दक्षिण दिशा की ओर रखें।

पीपल के पेड़ के नीचे भी जला सकते हैं दीपक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों के लिए पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। अगर घर के आसपास पीपल का पेड़ हो, तो शाम के समय वहां दीपक जलाकर पितरों का स्मरण किया जा सकता है।

इसके अलावा तुलसी के पास या घर में पानी रखने वाले स्थान, जैसे मटके के पास भी पितरों के लिए दीपक जलाने की भी रीति है। 

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।