विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आज से शुरू हुआ आश्विन माह, पितरों का आशीर्वाद दिलाएंगे ये 5 काम, कोसों दूर होगा पितृ दोष

Published: Sun, 27 Sep 2026 07:00 AM (IST)

आश्विन माह की शुरुआत के साथ ही पितृ पक्ष आरंभ हो गया है, जिसमें पितरों को प्रसन्न करने के लिए ...और पढ़ें

कैसे करें पितरों को प्रसन्न (Picture Credit: AI Generated)

कैसे करें पितरों को प्रसन्न (Picture Credit: AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भाद्रपद पूर्णिमा के अगले दिन से आश्विन माह का आरंभ होता है और इसी के साथ पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। यह अवधि पितरों को प्रसन्न करने के लिए अधिक शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान पितर धरती पर आते हैं और अपने वंशजों द्वारा अर्पित जल व अन्न से तृप्त होते हैं।

वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 27 सितंबर से आश्विन माह की शुरुआत हुई है, जिसका समापन 26 अक्टूबर को होगा। इस दौरान कई प्रमुख व्रत और पर्व मनाए जाएंगे। यदि आप भी पितृ पक्ष और आश्विन माह में पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नियमों व उपायों का पालन अवश्य करें।

पितरों को प्रसन्न करने के मुख्य उपाय

1. विधि-विधान से तर्पण
पितृ पक्ष में प्रातःकाल स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करके पितरों का तर्पण करना चाहिए। ध्यान रहे कि शास्त्रों में कुशा घास के बिना किया गया तर्पण अधूरा माना जाता है। मान्यता है कि तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

2. पंचबलि श्राद्ध का महत्व
पितृ पक्ष में पंचबलि श्राद्ध का विशेष महत्व है। श्राद्ध कर्म के दौरान भोजन में से 5 हिस्से अवश्य निकालें गाय, कुत्ते, कौए, देवादि (अग्नि) और चींटी के लिए। मान्यता है कि इस उपाय को सच्चे मन से करने पर पितरों की आत्मा को असीम तृप्ति मिलती है और उनका आशीर्वाद बना रहता है।

3. कुतुप मुहूर्त में पिंडदान और श्राद्ध
पूर्वजों की पुण्य तिथि पर पूरे विधि-विधान से पिंडदान और श्राद्ध कर्म करें। श्राद्ध कर्म करने के लिए दोपहर का कुतुप मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है। इससे पितृ प्रसन्न होकर जीवन में शुभ फलों का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

4. ब्राह्मण भोजन और दान
श्राद्ध तिथि पर सात्विक ब्राह्मणों को आदरपूर्वक घर बुलाकर भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्यानुसार तिल, वस्त्र, अन्न, गुड़ या दक्षिणा का दान करें। पितृ पक्ष में काले तिल और गुप्त दान का विशेष महत्व होता है।

5. दक्षिण दिशा में दीपक प्रज्वलित करें
प्रतिदिन सायंकाल घर की दक्षिण दिशा में पितरों के नाम से सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।

यह भी पढ़ें- Pitru Paksha 2026: कितने प्रकार के होते हैं तर्पण, क्या महिला और पुरुष अलग-अलग तरीके से तिलांजलि देते हैं?

यह भी पढ़ें- Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पितरों को कैसे दें तर्पण, नोट कर लें तिथि के हिसाब से श्राद्ध का सही मुहूर्त

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।