पितृपक्ष में गया जाकर कराना है पिंडदान? नोट करें रूट से लेकर बजट और पंडित जी के खर्च की पूरी जानकारी
पितृ पक्ष में गया में पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व है, जहां पितरों की आत्मा की शांति के लिए हजारों लोग आते हैं।

गया में पिंडदान कराने के पूरे खर्च की जानकारी (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भाद्रपद की पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है और इन दिनों में सनातन परंपरा के अनुसार पिंडदान और तर्पण करने का खास महत्व बताया गया है। बिहार का गया इसके लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जहां पितरों की आत्मा की शांति के लिए हर साल हजारों की भीड़ उमड़ती है।
ऐसे में अगर आप पिंडदान कराने के लिए गया जाने का प्लान कर रहे है तो आइए जानते हैं कि गया तक कैसे पहुंचा जाए और आपके इस सफर में खर्चा कितना आने वाला है।
गया में पिंडदान के लिए 48 प्रमुख वेदियां
बिहार पर्यटन के मुताबिक, गया में पिंडदान के लिए 48 प्रमुख वेदियां हैं और इनमें भी विष्णुपद मंदिर, गया शिरोमणि मंदिर, फल्गु नदी, पंचतीर्थ और सीता कुंड का महत्व ज्यादा है। बताते चलें कि यहां पितृ पक्ष का मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक लगेगा।
गया कैसे पहुंचे?
गया पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको राजधानी पटना तक रेल या हवाई यात्रा से पहुंचना होगा। उसके बाद पटना और उसके आसपास के शहरों से बड़ी ही आसानी से गया तक के लिए ट्रेन मिल जाती है। अगर आप पटना से जा रहे हैं तो आपको गया तक पहुंचने में 2 घंटे तक का समय लग सकता है। इसके बाद गया जी जंक्शन पर उतरकर वहां से ऑटो या टैक्सी की मदद से पिंडदान स्थलों तक जाएं।
वहीं, पटना से सड़क के रास्ते गया तक पहुंचने के लिए आप बस, टैक्सी या प्राइवेट कार कर सकते हैं। इसके बाद स्थाने परिवहन की मदद से पिंडदान स्थलों तक पहुंचा जा सकता है। फ्लाइट से जाने वाले यात्री भी पटना के बाद प्राइवेट टैक्सी से गया तक जा सकते हैं।
पिंडदान में खर्च कितना आएगा?
पिंडदान का खर्च यात्री की संख्या, उनके आने-जाने के माध्यम और रहने की जगह पर निर्भर करता है। अगर आप दिल्ली से गया जा रहे हैं तो इसकी ट्रेन की टिकट ₹500 से शुरू होकर उसकी क्लास के हिसाब से ₹3000 तक जा सकती है। फ्लाइट से जाने पर यह खर्च ₹3000 से शुरू होकर ₹10,000 तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, गया में ठहरने का खर्चा व्यक्ति की सुविधा के हिसाब से ₹3000-₹7000 की बीच आ सकता है। अब पिंडदान के खर्च की बात करें तो साधारण पिंडदान से लेकर पूजा-पाठ करवाने तक में ₹2100 से ₹5100 और ₹11,000 तक भी हो सकता है।
