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पितृ पक्ष 2026: पूर्वजों को आमंत्रित करने के लिए तिथि पर जरूर करें ये शुभ काम, नाराज पितर भी हो जाएंगे प्रसन्न

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:00 AM (IST)

पितृ पक्ष पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने का पवित्र समय है, इसे अशुभ नहीं मानना चाहिए। श्राद्ध तिथि पर तर्पण, ...और पढ़ें

पितृ पक्ष में पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए करें ये शुभ कार्य और पाएं आशीर्वाद । (Picture Credit- AI Generated)

पितृ पक्ष में पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए करें ये शुभ कार्य और पाएं आशीर्वाद । (Picture Credit- AI Generated)

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समय कम है?

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों को याद करने का सबसे पवित्र समय माना गया है। मान्‍यता है कि इस समय हमारे पितृ खुद घर आकर हमें अपना आशीर्वाद देते हैं। इसलिए इस समय पितरों को हर दिन याद करना चाहिए और उन्‍हें घर पर आने के लिए आमंत्रि करना चाहिए। कुछ लोगों की धारणा होती है कि पितृ पक्ष का समय अच्‍छा नहीं माना जाता है, लेकिन जिन दिनों में हमें हमारे पितरों का आशीर्वाद मिलता हो, वो समय खराब कैसे हो सकता है। इसलिए पितृ पक्ष को भी पर्व की तरह मनाना चाहिए।

इन दिनों में पितरों को निमंत्रण देने के लिए कुछ ऐसा करना चाहिए, वह खुशी-खुशी आकर आपको अपना आशीर्वाद देकर जाएं। तो चलिए जानते हैं कि पितरों की श्राद्ध तिथि पर कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं, जो पितरों की आत्मा को तृप्त कर देते हैं।

श्राद्ध तिथि पर जरूर करें तर्पण

पितृ पक्ष में तर्पण का विशेष महत्व बताया गया है। श्राद्ध की तिथि पर स्नान करने के बाद जल में काले तिल और कुशा मिलाकर पितरों का तर्पण जरूर करना चाहिए। परंपरा के अनुसार तर्पण करते समय पितरों का स्मरण किया जाता है और उन्हें श्रद्धापूर्वक जल अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि तर्पण के माध्यम से व्यक्ति अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करता है।

पिंडदान करना माना जाता है शुभ

श्राद्ध तिथि पर पिंडदान भी महत्वपूर्ण कर्म माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धा से किया गया पिंडदान पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम है। ऐसा भी माना जाता है कि, जो लोग एक बार अपने पितरों का पिंडदान कर देते हैं, वे उनका श्राद्ध न भी करें, तो धार्मिक दृष्टि से गलत नहीं होगा। वहीं कुछ लोग पिंडदान करने के बाद भी अपने पितरों का श्राद्ध पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं।

पंचबलि के लिए निकालें भोजन

पितृ पक्ष में पंचबलि भोग का भी विशेष महत्व बताया गया है। भोजन तैयार होने के बाद उसमें से एक हिस्सा पांच जीवों और देव शक्तियों के लिए निकालने की प्रथा है। इसमें गाय, श्वान, कौआ, देवताओं और चींटियों का शामिल होता है।

ब्राह्मण या जरूरतमंद को कराएं भोजन

श्राद्ध के दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही अन्न, वस्त्र और अपनी क्षमता के अनुसार धन का दान भी किया जा सकता है। जब भी कुछ दान करें, तब सीधे हाथ से करें और दान देते वक्‍त आपकी भावना दिखावे वाली नहीं होनी चाहिए बल्कि आप सेवा की भावना से दान करें।

पीपल के पेड़ के पास जलाएं दीपक

पितृ पक्ष में पीपल के पेड़ की पूजा और उसके पास दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। खासतौर पर अपने पितरों की श्राद्ध तिथि या अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के पास जाकर जल अर्पित करें और पीपल को कच्चा दूध और तेल का दीपक भी अर्पित करें।

घर में रखें सात्विक माहौल

पितृ पक्ष के दौरान घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही परिवार के सदस्‍यों को किसी भी तरह के आपसी विवाद से भी बचना चाहिए। इन दिनों में घर पर सात्विक भोजन ही पकाना और खाना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।