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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pitru Paksha: हर काम में आ रही है रुकावट, तो हो सकता है पितृदोष, जानिए लक्षण और मुक्ति के उपाय

By Shivani SinghEdited By:
Published: Fri, 09 Sep 2022 11:00 AM (IST)Updated: Sat, 10 Sep 2022 07:23 AM (IST)

Pitru Dosh cause symptoms and Upay in hindi कुंडली में पितृदोष होन पर व्यक्ति को जीवन में कई समस्याओं का ...और पढ़ें

Pitru Dosh: हर काम में आ रही है रुकावट, तो हो सकता है पितृदोष
Pitru Dosh: हर काम में आ रही है रुकावट, तो हो सकता है पितृदोष

नई दिल्ली, Pitru Dosh: भाद्रपद पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष शुरू हो चुके है। इस साल पितृपक्ष पूरे 16 दिनों के पड़ रहे हैं जो आश्विन मास की अमावस्या तिथि के साथ समाप्त होंगे। इन दिनों में पितरों का तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर पृथ्वी पर आ जाते हैं, जिससे उनका श्राद्ध कर्म करके मोक्ष की प्राप्ति कर सके। 

माना जाता है कि जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष चल रहा है वह भी इस अवधि में कुछ उपाय करके इस समस्या से मुक्ति पा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है पितृ दोष, साथ ही जानिए इसके लक्षण, वजह और उपाय।

क्या है पितृ दोष?

अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार विधि विधान से न किया जाए या फिर उस व्यक्ति की अकाल मृत्यु हो जाए तो उस व्यक्ति से जुड़े परिवार को पितृ दोष का सामना करना पड़ता है। यह एक पीढ़ी ही नहीं बल्कि पीढ़ियों दर पीढ़ियों चलता रहता है।

पितृदोष के लक्षण

संतान सुख न मिलना

अगर किसी दंपति को ढेरों उपाय करने के बाद भी संतान सुख से वंचित होना पड़ रहा है। या फिर उत्पन्न हुए संतान मंदबुद्धु, विकलांग आदि होती है या फिर बच्चे के पैदा होते ही मृत्यु हो जाना।

हानि होना

बिजनेस से लेकर नौकरी में किसी न किसी तरह से हानि होना भी पितृदोष के कारण हो सकती है।

परिवार में कलह

घर में रह रहे लोगों के बीच किसी न किसी बात पर वाद-विवाद होता रहता है, तो यह पितृदोष का कारण हो सकता है।

कोई न कोई बीमार रहना

घर में मौजूद सदस्यों में से किसी न किसी का बीमार रहना।

विवाह न होना

विवाह में किसी न किसी तरह की अड़चन आना या फिर विवाह हो जाने के बाद तलाक तक बात पहुंच जाना।

दुर्घटना का सामना

पितृदोष होने पर व्यक्ति को दुर्घटनाओं का सामना भी करना पड़ता है।

पितृदोष होने की वजह

  • पितरों का अपमान करना
  • किसी सांप को मार देना। इससे सर्प के साथ पितृदोष लगता है
  • पितरों का विधिवत अंतिम संस्कार न करना
  • पितरों का श्राद्ध न करना
  • पीपल, नीम या फिर बरगद के पेड़ को कटवाना

पितृदोष से मुक्ति दिलाएंगे ये उपाय

रोजाना चढ़ाएं माला

अगर आपकी कुंडली में पितृदोष है, तो पितरों की फोटो दक्षिण दिशा की ओर लगाएं। इसके साथ ही रोजाना माला चढ़ाकर उनका स्मरण करना चाहिए।

पीपल में चढ़ाएं जल

पीपल के पेड़ पर दोपहर के समय जल चढ़ाएं। इसके साथ ही फूल, अक्षत, दूध, गंगाजल और काले तिल भी चढ़ाएं और पितरों का स्मरण करें।

दीपक जलाएं

रोजाना शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर एक दीपक जलाएं। रोजाना नहीं जला सकते, तो पितृपक्ष के जौरा जरूर जलाएं।

कराएं विवाह

पितृदोष से मुक्त पाने के लिए गरीब कन्याओं का विवाह कराएं। किसी के विवाह में मदद करने से भी पितृ दोष से निजात मिलेगी।

डिसक्लेमर

इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।