Nautapa 2025: 25 मई से शुरू हो रहे हैं नौतपा, जानिए किन चीजों का सूर्य देव को लगाएं भोग
25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है जो 2 जून तक चलेगा। इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने से भीषण गर्मी होती है। मान्यता है कि इन दिनों में सूर्य देव को भोग लगाने से बीमारियों और नकारात्मकता से बचाव होता है। तांबे के लोटे में जल लाल चंदन और फूल डालकर अर्घ्य दें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Nautapa 2025: साल के सबसे ज्यादा गर्म नौ दिन, जिन्हें नौतपा के नाम से भी जाना जाता है, वो 25 मई से शुरू हो रहे हैं। 2 जून तक चलने वाले नौतपा के दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में मौजूद रहेंगे। कहते हैं कि जितना ही ज्यादा वह रोहिणी नक्षत्र को जलाते हैं, उतनी ही अच्छी बारिश होती है।
वहीं, यदि नौतपा के दौरान बारिश हो जाए, तो इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। इसे रोहिणी का गलना भी कहते हैं, जिसका संकेत है कि उस साल बारिश अच्छी नहीं होगी। नौतपा की 9 दिनों अवधि के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर गिरते हुए भीषण गर्मी पैदा करती हैं।
इस समय में मौसम बेहद रूखा हो जाता है और लू भी चलती है। इन परिस्थितियों में बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में भगवान सूर्य नारायण को इन चीजों के भोग लगाएं, ताकि उनकी कृपा मिलती रहे।
जानिए क्या करना चाहिए
- तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
- जल में लाल चंदन, कुंकुम और लाल फूल डाल लें।
- केसर को दूध या मिठाई में मिलाकर चढ़ाएं।
- पंचामृत बनाकर उसका भोग लगाएं।
- लाल फल जैसे सेब और अनार का भोग लगाएं।
- गेहूं के आटे और घी से हलवा बनाकर भोग लगाएं।
- मसूर की दाल की खिड़ची या हलवे का भोग लगाएं।
- सूर्य को गुड़-चने का भोग लगाएं और उसे स्वयं खाएं।
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नौतपा के दौरान क्या करें
मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। गर्मी जब अपने चरम पर होती है, तो जरूरतमंद लोगों को पानी, घड़ा, पंखे, छाता, चप्पल, अन्न, आदि का दान करना चाहिए। इसके साथ ही पशु-पक्षियों के लिए भी जल की व्यवस्था करनी चाहिए।
कहते हैं कि यदि आप इन कार्यों को करते हैं, तो लोगों का आशीर्वाद मिलता है। सूर्य देव की कृपा से परिवार के सदस्यों को बीमारियां नहीं घेरती हैं और घर में नकारात्मकता भी नहीं रहती है।
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