विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मातृ नवमी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, पितरों के साथ कुलदेवी भी हो सकती हैं नाराज

Published: Wed, 30 Sep 2026 01:30 PM (IST)

मातृ नवमी 4 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जिस दिन मृत महिला पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है। इस दिन कुछ ...और पढ़ें

मातृ नवमी पर इन 5 कामों से बचें, पितरों की कृपा बनी रहेगी (Picture Credit: AI Generated)

मातृ नवमी पर इन 5 कामों से बचें, पितरों की कृपा बनी रहेगी (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. मातृ नवमी पर तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल न करें।

  2. किसी भी महिला को सताने या अपमानित करने से बचें।

  3. बाल, नाखून काटने और भोजन का अपमान न करें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पितृ पक्ष के सोलह पावन दिनों में से मातृ नवमी को विशेष स्थान मिला है और इस दिन सभी मृत महिलाओं का श्राद्ध करके उन्हें सम्मानपूर्वक पृथ्वी से विदा किया जाता है। ये दिन उन लोगों के लिए और भी खास माना जाता है जिनके घर में किसी भी महिला का श्राद्ध होता है।

इस साल मातृ नवमी 04 अक्टूबर की मनाई जाएगी और इसी दिन सभी महिला पूवजों को पृथ्वी से विदा किया जाएगा। अगर आप भी इस दिन दादी-नानी या अन्य किसी भी पूजनीय महिला का श्राद्ध करते हैं, तो कुछ गलतियों से बचना चाहिए। आइए जानें इस दिन आपको कौन से काम नहीं करने चाहिए जिससे पूर्वजों की कृपा बनी रहे और घर में कोई दोष भी न लगे।

तामसिक भोजन न करें

वैसे तो पितृ पक्ष के पूरे सोलह दिनों में आपको तामसिक भोजन न करने की सलाह दी जाती है, लेकिन अगर आप ऐसा नहीं भी कर पा रहे हैं तब भी आपको कम से कम मातृ नवमी के दिन यानी कि जिस दिन महिला पूर्वजों का श्राद्ध होता है उस दिन आपको तामसिक भोजन या लहसुन प्याज का इस्तेमाल खाने में नहीं करना चाहिए।

कई लोगों का मानना है कि उनके पूर्वज भी जब जीवित थे तब वो भी ऐसा भोजन करते थे, फिर उनके श्राद्ध में भी यह भोजन अर्पित किया जा सकता है। ऐसा सोचना सही नहीं है, क्योंकि जैसे ही किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है वो इस लोक को छोड़कर दूसरे लोक में प्रस्थान करता है। इस वजह से उनके पूजन के समय तामसिक चीजों को दूर रखना ही बेहतर माना जाता है।

महिलाओं को न सताएं

अगर कोई व्यक्ति पितृ पक्ष की नवमी यानी कि मातृ नवमी के दिन किसी भी महिला को सताता है, तो उसे श्राद्ध करने का पुण्य फल नहीं मिलता है। महिलाओं को सताने या उनसे अपशब्द कहने से पूर्वज नाराज हो सकते हैं और यदि आपके घर में महिला पूर्वजों का श्राद्ध होता है. तो वो स्वीकार्य नहीं माना जाता है।

भूलकर भी आप इस दिन किसी से बुरा व्यवहार न करें और इसके बजाय घर के सभी बड़ों का आशीर्वाद लें। अगर कोई इस दिन बुरा व्यवहार करता है, तो कुलदेवी भी नाराज हो सकती हैं और पितृ दोष लग सकता है।

बाल या नाखून न काटें

आपको मातृ नवमी के दिन भूलकर भी बाल या नाखून नहीं काटने चाहिए। मुख्य रूप से उन महिलाओं को ये गलतियां नहीं करनी चाहिए जो किसी भी महिला पूर्वज के लिए श्राद्ध कर्म कर रही हो। अगर आप ऐसी कोई भी गलती करती हैं तो आपके घर में पितृ दोष लग सकता है और श्राद्ध स्वीकार्य भी नहीं माना जाएगा।

भोजन का अपमान न करें

अगर आप जाने अनजाने में पितृ पक्ष की नवमी तिथि के दिन भोजन का अपमान करते हैं, तो इसके बुरे फल जीवन में दिखाई दे सकते हैं। आपको इस दिन महिला पूर्वजों का श्राद्ध करने के बाद ब्राह्मणी को भोजन करवाना चाहिए और साथ ही पंचबलि भोग भी निकलना चाहिए।

आपको इस दिन भूलकर भी भोजन को इधर-उधर या कूड़े में नहीं फेंकना चाहिए। इसके साथ ही आप जो ब्राह्मण भोज तैयार करें उसमें भी शुध्दता का पूरा ध्यान रखना जरूरी है।

नए सामान का इस्तेमाल न करें

वैसे तो आपको पितृ पक्ष की पूरी अवधि में नया सामान नहीं खरीदना चाहिए, लेकिन मातृ नवमी के दिन आपको ये गलती भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। ऐसी गलती आपके घर में पितृ दोष का कारण बनती है और पूर्वजों के साथ आपकी कुल देवी भी नाराज हो सकती हैं।

अगर आप भी मातृ नवमी के दिन महिला पितरों का श्राद्ध करते हैं, तो आपको इन कामों से बचना चाहिए। ये गलतियां न सिर्फ पूर्वजों की नाराजगी का कारण बन सकती हैं बल्कि कुलदेवी और घर के सभी देवी-देवताओं को नाराज कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें- 4 या 5 अक्टूबर, मातृ नवमी कब है? सही तारीख के साथ महिला पूर्वजों के श्राद्ध की विधि

यह भी पढ़ें- मातृ नवमी से लेकर अकाल मृत्यु तक: पितृ पक्ष की किस तिथि पर किसका श्राद्ध करें? देखें पूरी लिस्ट

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।