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    Margashirsha Amavasya 2024: मार्गशीर्ष अमावस्या कब मनाई जाएगी? जानें मुहूर्त और सही तारीख

    Updated: Tue, 19 Nov 2024 02:07 PM (IST)

    मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन बहुत ही अहम माना जाता है। यह तिथि धार्मिक कार्यों के लिए खास होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान पितरों का तर्पण और दान-पुण्य करना बहुत अच्छा होता। यह तिथि पूरी तरह से पितरों की पूजा के लिए समर्पित है तो आइए जानते हैं इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) कब मनाई जाएगी?

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    Margashirsha Amavasya 2024: कब है मार्गशीर्ष अमावस्या 2024?

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मार्गशीर्ष अमावस्या हिंदुओं के बीच बहुत धार्मिक महत्व रखती है। इस अमावस्या का अपना ही महत्व है, क्योंकि यह मार्गशीर्ष माह में आती है इसलिए इसे मार्गशीर्ष अमावस्या के नाम से जाना जाता है। मृगशिरा नक्षत्र से सम्बंधित होने के कारण इस अमावस्या को मृगशिरा अमावस्या भी कहा जाता है। यह अमावस्या कृष्ण पक्ष के 15वें दिन आती है।

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    कहा जाता है कि इस दिन (Margashirsha Amavasya 2024 Celebration Date) पितरों की पूजा और उनका तर्पण जरूर करना चाहिए। इससे उन्हें शांति मिलती है, तो आइए इसकी सही डेट और पूजन नियम के बारे में जानते हैं, जो इस प्रकार है।

    कब है मार्गशीर्ष अमावस्या 2024? (Margashirsha Amavasya Kab Hai?)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल (Margashirsha Amavasya 2024 Shubh Muhurat) 30 नवंबर, 2024 दिन शनिवार को सुबह 10 बजकर 29 मिनट से मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरूआत होगी। वहीं, इसका समापन 1 दिसंबर, 2024 को रविवार को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या 1 दिसंबर, 2024 दिन रविवार को मनाई जाएगी।

    मार्गशीर्ष अमावस्या पूजा विधि (Margashirsha Amavasya 2024 Puja Rituals)

    • सुबह जल्दी उठकर गंगा नदी में पवित्र स्नान करें।
    • भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और अपने दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ करें।
    • स्नान के बाद ब्राह्मण या फिर किसी जानकार व्यक्ति के माध्यम से पितृ तर्पण और पितृ पूजा कराएं व अपने पितरों का तर्पण करें।
    • जो लोग गंगा घाट के पास नहीं जा सकते हैं, वे घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
    • देसी घी का दीपक जलाकर और घर पर ब्राह्मणों को बुलाकर पितृ तर्पण करें।
    • सात्विक भोजन बनाएं और उन्हें भोजन, वस्त्र और दक्षिणा आदि चीजें अर्पित करें।
    • इस तिथि पर किसी भी पवित्र नदी जैसे नर्मदा, शिप्रा और यमुना आदि में स्नान करना पुण्यकारी माना जाता है।
    • इसके अलावा इस दिन गाय, कौवे, कुत्ते और चींटियों को खाना खिलाना बहुत फलदायी माना जाता है।
    • इसके साथ ही इस दिन क्षमता अनुसार, दान करें।
    • तामसिक चीजों से पूरी तरह परहेज करें।

    मार्गशीर्ष अमावस्या पर इन मंत्रों का करें जाप (Margashirsha Amavasya 2024 Mantra)

    • ऊँ श्री कृष्णाय नम:
    • ऊँ श्री श्रीरघुनाथाय नम:
    • ऊँ श्री दामोदराय नम:
    • ऊँ श्रीजनार्दनाय नम:

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    अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।