विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Masik Durgashtami 2025: मां दुर्गा की पूजा के समय करें इन मंत्रों का जप, पूरी होगी मनचाही मुराद

By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
Published: Sun, 05 Jan 2025 09:12 PM (IST)

ज्योतिषियों की मानें तो मासिक दुर्गा अष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग समेत कई शुभ योग बन ...और पढ़ें

Masik Durgashtami 2025: मां दुर्गा को कैसे प्रसन्न करें?
Masik Durgashtami 2025: मां दुर्गा को कैसे प्रसन्न करें?

HighLights

  1. सनातन धर्म में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है।
  2. यह दिन जगत की देवी मां दुर्गा को समर्पित है।
  3. इस दिन भक्ति भाव से मां दुर्गा की पूजा की जाती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के अगले दिन मासिक दुर्गा अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन भक्ति भाव से जगत की देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होता है। पौष माह की दुर्गा अष्टमी 07 जनवरी को है। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में जगत की देवी मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाएगी। ज्योतिषियों की मानें तो मासिक दुर्गा अष्टमी पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होगी। अगर आप भी मां दुर्गा की कृपा के भागी बनना चाहते हैं, तो मासिक दुर्गा अष्टमी (Masik Durgashtami 2025) पर भक्ति भाव से मां दुर्गा की पूजा करें।

यह भी पढ़ें: मेष से लेकर मीन तक वार्षिक राशिफल 2025

राशि अनुसार मंत्र जप

  • मेष राशि के जातक दुर्गा अष्टमी के दिन पूजा के समय 'ॐ शिवायै नमः' मंत्र का जप करें।
  • वृषभ राशि के जातक मां दुर्गा की कृपा पाने हेतु 'ॐ कल्याण्यै नमः 'मंत्र का जप करें।
  • मिथुन राशि के जातक मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन 'ॐ अम्बिकाय नमः' मंत्र का जप करें।
  • कर्क राशि के जातक मां भवानी की कृपा पाने के लिए 'ॐ सर्वलभ्यायै नमः' मंत्र का जप करें।
  • सिंह राशि के जातक पौष माह की अष्टमी के दिन 'ॐ कामाक्ष्यै नमः' मंत्र का जप करें।
  • कन्या राशि के जातक आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए 'ॐ लक्ष्म्यर्थरूपायै नमः' मंत्र का जप करें।
  • तुला राशि के जातक पौष अष्टमी के दिन पूजा के समय 'ॐ त्रिपुरायै नमः' मंत्र का जप करें।
  • वृश्चिक राशि के जातक मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ श्रीमात्रे नमः' मंत्र का जप करें।
  • धनु राशि के जातक मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन 'ॐ गिरिराजकन्याय नमः' मंत्र का जप करें।
  • मकर राशि के जातक मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए 'ॐ ललितायै नमः' मंत्र का जप करें।
  • कुंभ राशि के जातक दुखों से निजात पाने के लिए 'ॐ हरिलोचनायै नमः' मंत्र का जप करें।
  • मीन राशि के जातक पौष अष्टमी के दिन 'ॐ श्रीस्वर्णगौर्यै नमः' मंत्र का जप करें।

मां दुर्गा की आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव री।।

जय अम्बे गौरी…

मांग सिंदूर बिराजत, टीको मृगमद को।

उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रबदन नीको।। जय अम्बे गौरी,…।

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।

रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै।।

जय अम्बे गौरी…

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।

सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुःखहारी।।

जय अम्बे गौरी…

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।

कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत समज्योति।।

जय अम्बे गौरी…

शुम्भ निशुम्भ बिडारे, महिषासुर घाती।

धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती।।

जय अम्बे गौरी…

चण्ड-मुण्ड संहारे, शौणित बीज हरे।

मधु कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।

जय अम्बे गौरी…

ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।

आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी।।

जय अम्बे गौरी…

चौंसठ योगिनि मंगल गावैं, नृत्य करत भैरू।

बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू।।

जय अम्बे गौरी…

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।

भक्तन की दुःख हरता, सुख सम्पत्ति करता।।

जय अम्बे गौरी…

भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्परधारी।

मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी।।

जय अम्बे गौरी…

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।

श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति।।

जय अम्बे गौरी…

अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै।

कहत शिवानंद स्वामी, सुख-सम्पत्ति पावै।।

जय अम्बे गौरी…

यह भी पढ़ें: शनि प्रदोष व्रत पर इस समय करें भगवान शिव की पूजा, बन जाएंगे सारे बिगड़े काम

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।