नई दिल्ली, Kharmas 2022-23: ज्योतिष गणना के अनुसार, साल में पूरी 12 संक्राति होती है। जब सूर्य ग्रह किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो वह संक्रांति कहलाता है। 12 संक्रांति में धनु और मीन संक्रांति काफी खास होती है। क्योंकि ये संक्रांति होने पर अगली संक्रांति तक किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों जैसे मुंडन, छेदन, गृह प्रवेश, विवाह आदि की मनाही हो जाती है। साल में दो बार खरमास पड़ते हैं। पहला खरमास मीन संक्रांति पर पड़ता है और दूसरा धनु संक्रांति पर। इस साल धनु संक्रांति 16 दिसंबर 2022 को पड़ रही है। खरमास को अधिक मास, मलमास नाम से भी जाना जाता है। जानिए खरमास के दौरान किन कामों को करने की है मनाही।

Kharmas 2022 December Date: खरमास शुरू होते ही लग जाएगी मांगलिक कार्यों पर रोक, जानिए कब से लग रहे हैं मलमास

कब से शुरू हो रहे हैं खरमास (Kharmas 2022 December Date)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, खरमास 15 दिसंबर से शुरू हो रहे हैं जो पूरे एक माह होते हुए नए साल 2023 में 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन समाप्त होंगे।

16 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं, तो खरमास आरंभ हो जाएगा और 14 जनवरी को मकर राशि में सूर्य के प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा।

खरमास 2022 के दौरान न करें ये काम

  • शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि व्यक्ति को तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज), मांस-मदिरा से दूर रहना चाहिए और शुद्ध शाकाहारी भोजन करना चाहिए।
  • खरमास के दौरान तांबे के बर्तन में रखे हुए भोजन या फिर पानी का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका असर सेहत पर बुरा पड़ता है।
  • खरमास के दौरान मांगलिक कामों की मनाही होती है। इसलिए इस मास में मुंडन, छेदन, गृह प्रवेश, शादी विवाह जैसे कार्य बिल्कुल न करें।
  • खरमास के दौरान किसी भी नए कार्य, व्यापार की शुरुआत बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इससे व्यक्ति को सफलता नहीं मिलती है और धन हानि का भी सामना करना पड़ सकता बै।
  • शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि खरमास के दौरान निर्माण कार्य भी शुरू नहीं करना चाहिए। इस मास में बनाए गए घर में रहने से व्यक्ति को कभी भी सुख-समृद्धि नहीं मिलती है।
  • खरमास के दौरान कोई नई चीज जैसे वाहन, घर, प्लाट, आभूषण आदि बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए। इससे बुरा असर पड़ता है।

डिसक्लेमर

इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

Edited By: Shivani Singh

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