Karwa Chauth 2026: दिल्ली, कानपुर, लखनऊ में कितने बजे निकलेगा चांद? नोट कर लें अपने शहर का चंद्रोदय टाइम
Karwa Chauth 2026 पर दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, मुंबई समेत कई शहरों में चांद निकलने का समय अलग-अलग है। व्रत रखने ...और पढ़ें

करवा चौथ 2026: कब निकलेगा चांद? (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल भर के इंतजार के बाद करवाचौथ त्योहार आ ही गया। यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती है।
करवचौथ के दिन चंद्रमा की पूजा और उसे अर्घ्य देने का भी रिवाज है। इसलिए पूरे दिन व्रत रखने के बाद महिलाओं को रात में चांद्रमा के दर्शन का इंतजार रहता है। चंद्रमा की पूजा और दर्शन के बाद ही महिलए अपना व्रत खोलती हैं। इसलिए करवाचौथ पर चांद (Karwa Chauth 2026 Moonrise Time)निकलने का समय जानना बहुत जरूरी होता है।
साल 2026 में करवाचौथ का त्योहार 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, मुंबई, पटना और दूसरे शहरों में चंद्रोदय का समय अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में हमने उज्जैन के ज्योतिषाचार्य एंव पंडित मनीष शर्मा जी से बता की। वो हमें बता रहे हैं कि किस शहर में चंद्रोदय का क्या रहेगा समय।
करवाचौथ पर आपके शहर में कब निकलेगा चांद?
यहां देश के प्रमुख शहरों में चांद निकलने का संभावित समय दिया गया है:
- दिल्ली: रात 8 बजकर 17 मिनट से 8 बजकर 21 मिनट के आसपास
- गाजियाबाद: रात करीब 8 बजकर 16 मिनट के आसपास
- मुंबई: रात करीब 9:00 बजे के आसपास
- कानपुर: रात करीब 8 बजकर 05 मिनट के आस-पास
- लखनऊ: रात करीब 8 बजकर 06 मिनट के आस-पास
- प्रयागराज: रात करीब 8:00 बजे आसपास
- आगरा: रात करीब 8 बजकर15 मिनट के आसपास
- पटना: रात 7बजकर48 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट के आसपास
- अमृतसर: रात करीब 8 बजकर 24 मिनट के आसपास
- चंडीगढ़: रात करीब 8 बजकर 18 मिनट के आसपास
- गुरुग्राम: रात करीब 8 बजकर 22 मिनट के आसपास
- फरीदाबाद: रात करीब 8 बजकर 20 मिनट के आसपास
- भोपाल: रात करीब 8 बजकर 33 मिनट के आसपास
- इंदौर: रात 8 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट के आसपास
- उज्जैन: रात करीब 8 बजकर 32 मिनट के आसपास
करवाचौथ पर चांद देखने का क्या है महत्व?
करवाचौथ के दिन महिलाएं सुबह सरगी खाने के बाद व्रत शुरू करती हैं। इसके बाद वे पूरे दिन भोजन और पानी का सेवन नहीं करतीं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। पूजा के बाद महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करती हैं।
चंद्रमा के दर्शन करने के बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला जाता है। कई जगहों पर महिलाएं छलनी से पहले चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखती हैं।
अत: चांद दिखाई देने का वास्तविक समय मौसम, बादलों और स्थानीय भौगोलिक स्थिति के कारण थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के अनुसार समय की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
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