Kamika Ekadashi 2025 Daan: इन वस्तुओं के दान से कामिका एकादशी का व्रत होगा सफल, नहीं होगी अन्न-धन की कमी
कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi 2025 Daan) भगवान विष्णु को समर्पित है जिसमें व्रत पूजा और दान का महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। कहा जाता है कि इस पावन तिथि पर श्री हरि की उपासना करने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में खुशहाली आती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन महीने की पहली एकादशी यानी कामिका एकादशी का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। यह एकादशी भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन साधक कठिन व्रत रखते हैं और विधि-विधान के साथ पूजा करते है। वहीं, इस दिन दान और पुण्य का महत्व है।
व्रत के साथ-साथ इस दिन (Kamika Ekadashi 2025 Importance) कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है, तो आइए उन वस्तुओं के बारे में जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।
कामिका एकादशी पर जरूर करें ये विशेष दान (Kamika Ekadashi 2025 Daan List)
- पीले वस्त्र - कामिका एकादशी के दिन पीली चीजों का दान करें, क्योंकि भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है। कहा जाता है कि इस पावन तिथि पर पीले वस्त्रों का दान करने से श्री हरि की कृपा मिलती है। इसके साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है।
- फल और मिठाई - इस दिन आप मौसमी फल और पीली मिठाई का दान कर सकते हैं। यह दान दरिद्रता को दूर करता है और घर में अन्न-धन की वृद्धि करता है।
- अन्न - अनाज का दान महादान माना जाता है। कामिका एकादशी पर चावल, दाल, गेहूं या अन्य अनाजों का दान करने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है। खासकर इस दिन चावल का दान बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे अक्षय फलदायी माना जाता है।
- तिल - तिल का दान पितरों की शांति के लिए बहुत खास माना गया है। कामिका एकादशी पर काले या सफेद तिल का दान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और उनकी आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही इससे सभी पापों का नाश होता है।
- घी और दही - कामिका एकादशी पर शुद्ध घी का दान भी बहुत अच्छा माना गया है। कहा जाता है कि इसका दान करने से अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- धन - इस शुभ अवसर पर कोई भी दान करें, उसके साथ ही क्षमता अनुसार दक्षिणा जरूर दें। इससे दान को पूर्णता मिलती है।
दान के नियम
- दान हमेशा सच्चे मन और भाव के साथ करें।
- दान हमेशा किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को ही करें।
- सूर्यास्त के बाद दान करने से बचें।
- दान हमेशा दिन में ही करें।
यह भी पढ़ें: Sawan 2025: सावन में चारों सोमवार में घर के इन प्रमुख स्थानों में जलाएं दीपक, सुखों से भर जाएगा जीवन
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।