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पारण में न हो कोई चूक! आज इस शुभ मुहूर्त और विधि से खोलें जितिया का व्रत, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

Published: Sat, 03 Oct 2026 08:00 PM (IST)Updated: Sun, 04 Oct 2026 08:07 AM (IST)

जितिया व्रत का पारण आज 4 अक्टूबर को किया जा रहा है, जो संतान की लंबी आयु और तरक्की के ...और पढ़ें

कैसे करें जितिया व्रत का पारण? (Picture Credit- AI Generated)

कैसे करें जितिया व्रत का पारण? (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में जितिया व्रत (Jitiya Vrat 2026) को अधिक महत्व दिया जाता है। यह व्रत 36 घंटे का किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 4 अक्टूबर को जितिया व्रत का पारण किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही संतान की तरक्की होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कब और कैसे करें जितिया व्रत का पारण। 

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सही समय पर व्रत का पारण न करने से इसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए नियमों का पालन करते हुए शुभ मुहूर्त में जितिया व्रत का पारण जरूर करना चाहिए। 

जितिया व्रत 2026 पारण का शुभ मुहूर्त (Jitiya Vrat 2026 Paran Shubh Muhurat)

जितिया व्रत का पारण नवमी तिथि पर किया जाता है। 4 अक्टूबर को व्रत का पारण सुबह 7 बजकर 28 मिनट के बाद किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।

जितिया व्रत की पारण विधि

  • नवमी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद घर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर इसे शुद्ध करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य दें और उनका आशीर्वाद लें।
  • इसके बाद दीपक जलाकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना करें।
  • इस दौरान भगवान जीमूतवाहन से संतान की लंबी आयु, सुखी जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें।
  • पारण करने से पहले ब्राह्मण या गरीब लोगों को अन्न-धन आदि का दान करें।
  • नोनी के साग और रागी की रोटी का भोग लगाएं। इसके बाद इसी सात्विक भोजन को ग्रहण कर अपने व्रत का पारण करें।

जितिया व्रत पारण में न करें ये गलतियां

  • सूर्योदय से पहले या अष्टमी तिथि के समाप्त होने से पहले व्रत का पारण न करें। नवमी तिथि लगने पर सही समय में ही व्रत का पारण विधिपूर्वक करें।
  • पारण के दौरान तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी न करें। पारण में केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
  • पारण के समय काले रंग के कपड़े न पहनें। ऐसा माना जाता है कि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
  • इसके अलावा किसी से वाद-विवाद न करें। साथ ही किसी के बारे में गलत न सोचें और मन को शांत रखें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।