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जितिया व्रत 2026: अपनी संतान की राशि के अनुसार जरूर करें ये 1 काम, बच्चे पर कभी नहीं आएगा कोई संकट

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:35 AM (IST)

जितिया 2026 पर जानिए आपकी संतान की राशि के अनुसार आपको कौन सा विशेष उपाय करना चाहिए। ये छोटे-छोटे उपाय आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं।

राशि अनुसार क्या करें क्या नहीं? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जितिया (जीवितपुत्रिका 2026) व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, रक्षा और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस पवित्र व्रत में भगवान जीमूतवाहन की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन अगर व्रत रखने वाली माताएं अपनी संतान के नाम से कुछ विशेष उपाय और दान करें, तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है।

इन छोटे-छोटे ज्योतिषीय उपायों से बच्चे के जीवन में आने वाली स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या हो या फिर, नजर दोष और शिक्षा में आ रही रुकावटें हो किसी न किसी तरह से दूर हो जाती हैं। ।

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, जितिया यानी जीवितपुत्रिका व्रत के दिन भगवान जीमूतवाहन और चील-सियारी की कथा के साथ-साथ संतान की चंद्र राशि या नाम राशि के अनुसार माता द्वारा किए गए विशेष दान और पूजा से बच्चे पर आने वाले सभी अरिष्ट, स्वास्थ्य संबंधी बाधाएं और विद्या-बाधाएं नष्ट होती हैं।

संतान की राशि अनुसार माता द्वारा किए जाने वाले विशेष उपाय

मेष: बच्चा यदि मेष राशि का है तो मां जितिया की पूजा के समय जीमूतवाहन को लाल पुष्प और गुड़ अर्पित करें। पूजा के बाद बालक के सिर से 7 बार उबारकर गुड़ गाय को खिला दें।

वृषभ: बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए मिश्री और सफेद मिष्ठान का भोग लगाएं और पूजा के बाद किसी कन्या को दान करें।

मिथुन: संतान की एकाग्रता और बुद्धि विकास के लिए दूर्वा घास के 21 जोड़े जीमूतवाहन देव को चढ़ाएं तथा बालक के हाथ से हरा चारा दान करवाएं।

कर्क: बच्चा स्वभाव से भावुक या अस्वस्थ रहता हो, तो जितिया के दिन कच्चा दूध और चावल का दान करें। बच्चे को चांदी का चौकोर टुकड़ा या सिक्का धारण कराएं।

सिंह: बच्चे की सफलता और रक्षा के लिए गेहूं और तांबे का पात्र मंदिर में दान करें। जीमूतवाहन भगवान को लाल चंदन का तिलक लगाएं।

कन्या: संतान की पढ़ाई व करियर की रुकावटें दूर करने के लिए मां जितिया पूजन में साबुत मूंग और हरी इलायची अर्पित करें।

तुला: बच्चे को नजर दोष या बार-बार दुर्घटना से बचाने के लिए पूजन के समय सफेद वस्त्र या खीर का भोग लगाकर छोटी कन्याओं में बांटें।

वृश्चिक: बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य के लिए शहद और लाल कलावा भगवान जीमूतवाहन के चरणों में रखें और बाद में यह कलावा बच्चे की दाहिनी कलाई पर बांधें।

धनु: बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए चने की दाल और हल्दी की गांठ पीले कपड़े में बांधकर पूजा स्थान पर रखें और बाद में किसी ब्राह्मण को दें।

मकर: बच्चे को पुरानी व्याधियों या बाधाओं से मुक्त रखने के लिए जितिया के दिन तिल और सरसों के तेल का दीपक जलाएं तथा काले तिल का दान करें।

कुंभ: संतान के जीवन में स्थिरता और दीर्घायु के लिए सप्तधान्य (7 प्रकार के अनाज) का दान करें और सरसों के तेल का दीपक पीपल के नीचे जलाएं।

मीन: संतान की उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए भगवान जीमूतवाहन को केसर युक्त खीर या पीले फूल अर्पित करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।