विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जितिया पर बच्चों को जरूर दें ये 5 चीजें, टल जाएगी हर अनहोनी और मिलेगा जीमूतवाहन का आशीर्वाद!

Published: Tue, 29 Sep 2026 04:01 PM (IST)

जितिया व्रत (Jivitputrika Vrat 2026) विवाहित महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस दिन बच्चों ...और पढ़ें

जितिया पर बच्चों को देने वाली वस्तुएं

जितिया पर बच्चों को देने वाली वस्तुएं

HighLights

  1. बच्चों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधना बेहद शुभ माना जाता है।

  2. नए कपड़े भेंट करने से शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

  3. मौसमी फल, खीरा और ठेकुआ प्रसाद देना बच्चों के लिए फलदायी।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत (Jivitputrika Vrat 2026) बेहद खास माना जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतानों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अच्छे भविष्य की कामना से व्रत करती हैं। इस साल जितिया का व्रत 03 अक्तूबर 2026, मंगलवार के दिन रखा जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जितिया के मौके पर पूजा समाप्त होने के बाद या पारण के समय बच्चों को कुछ खास पवित्र प्रतीक, प्रसाद और वस्तु देना शुभ माना जाता है। ऐसा करने के पीछे भगवान जीमूतवाहन का आशीर्वाद बना रहता है।

जितिया पर भेंट करें बच्चों को ये चीजें

जितिया का पवित्र धागा
जितिया के मौके पर अपने बच्चों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधना बेहद शुभ माना जाता है। माताएं पूजा समाप्त होने के बाद लाल या पीले रंग के सूती धागे भगवान जीमूतवाहन का नाम जाप करते हुए बच्चे के गले या कलाई मं बांध सकती है। यह धागा बच्चों को नकारात्मक शक्तियों से बचाने के साथ बीमारियों से दूर रखता है।

नए कपड़े
जितिया के मौके पर माताएं अपने बच्चों को नए कपड़े भी भेंट कर सकती हैं। नए कपड़े शुभता और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। जितिया के दिन भगवान जीमूतवाहन की पूजा होने के बाद अपने बच्चे को नए कपड़े पहनकर भगवान और घर के बड़ों का आशीर्वाद जरूर दिलाए।

मौसमी फल और खीर
जितिया में छोटे-छोटे खीरे का खास महत्व होता है। इसे वंश वृद्धि और संतान के उज्जवल भविष्य का प्रतीक माना जाता है। माताएं पूजा होने के बाद यह खीरा अपने बच्चों को प्रसाद के रूप में भेंट कर सकती हैं।

खिलौने
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, माताएं जिनकी संतानें छोटी हैं, उन्हें बच्चे की खुशी को ध्यान में रखते हुए जितिया के मौके पर खिलौना देना चाहिए। ऐसा करने से आपकी संतान प्रसन्न और जीवन खुशहाल बनता है।

ठेकुआ या चने का प्रसाद
जितिया के मौके पर माताएं पूजा होने के बाद अपने बच्चों को ठेकुआ का प्रसाद भेंट कर सकती है। ठेकुआ भगवान जीमूतवाहन का मुख्य भोग माना जाता है। बच्चों का यह प्रसाद देने से उनकी सेहत अच्छी होने के साथ ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

यह भी पढ़ें- 3 दिन का कठिन व्रत और अनोखा खान-पान: जानिए क्यों इतना खास है यूपी, बिहार और नेपाल का 'जितिया' पर्व

यह भी पढ़ें- जीवित्पुत्रिका व्रत में संतान का सुरक्षा कवच माना जाता है 'जितिया धागा', इसे धारण करना क्यों है जरूरी?

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।