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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Holi Bhai Dooj 2024 Date: मार्च में कब है होली भाई दूज? जानें तिलक करने का शुभ मुहूर्त

Published: Sun, 24 Mar 2024 09:46 AM (IST)Updated: Mon, 25 Mar 2024 03:00 PM (IST)

होली भाई दूज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस खास अवसर पर बहनें ...और पढ़ें

Holi Bhai Dooj 2024: मार्च में कब है होली भाई दूज? जानें तिलक करने का शुभ मुहूर्त
Holi Bhai Dooj 2024: मार्च में कब है होली भाई दूज? जानें तिलक करने का शुभ मुहूर्त

HighLights

  1. होली भाई दूज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है।
  2. इस बार होली भाई दूज 27 मार्च को मनाई जाएगी।
  3. होली भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Holi Bhai Dooj 2024 Date Shubh Muhurat: हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष में दो बार भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। एक दिवाली के बाद और दूसरा चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस खास अवसर पर बहनें अपने भाई की दीर्घ आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधती हैं। इस पर्व को भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं कि होली भाई दूज की डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।

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होली भाई दूज 2024 डेट  

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत 26 मार्च 2024 को दोपहर 02 बजकर 55 मिनट से होगी और इसका समापन 27 मार्च 2024 को शाम 05 बजकर 06 मिनट पर होगा। ऐसे में होली भाई दूज का त्योहार 27 मार्च 2024 को मनाया जाएगा।

होली भाई दूज 2024 पर भाई को इस शुभ मुहूर्त में करें तिलक

पहला मुहूर्त- सुबह 10 बजकर 54 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक

दूसरा मुहूर्त-  दोपहर 03 बजकर 31 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 04 मिनट तक

ऐसे करें भाई को तिलक

होली भाई दूज के दिन भाई-बहन स्नान आदि करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। अब एक कटोरी में केसर और लाल चंदन लेकर तिलक तैयार कर लें। इसके पश्चात जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी के चरणों पर तिलक को लगाएं। अब भगवान गणेश जी को भी लगाएं। फिर भाई उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठें। इसके बाद उसे तिलक लगाने के साथ कुछ मीठा खिलाएं। इसके बाद भाई बहन के पैर स्पर्श करते हुए उपहार के तौर पर कुछ दें।

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डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।