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हस्तरेखा शास्त्र: महिलाओं के हाथ में ये रेखाएं हैं, तो बनता है दरिद्रता और संकट का योग

Published: Thu, 15 Oct 2026 06:48 PM (GMT+05:30)

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली की रेखाएं जीवन में संघर्ष और आर्थिक स्थिति के संकेत देती हैं। महिलाओं के हाथ ...और पढ़ें

महिलाओं की हथेली में कुछ विशेष रेखाएं और चिह्न । (Picture Credit- AI Generated)

महिलाओं की हथेली में कुछ विशेष रेखाएं और चिह्न । (Picture Credit- AI Generated)

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं, पर्वतों और विभिन्न चिह्नों को व्यक्ति के जीवन के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण माना गया है। इनकी बनावट, उभार, दबाव और इन पर कट्स तक बहुत महत्‍व रखते हैं। इन रेखाओं से जीवन में आने वाले संघर्ष, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में संकेत मिलते हैं। महिलाओं की हथेली में भी कुछ विशेष चिह्नों को संकट योग और दरिद्रता योग से जोड़कर देखा जाता है। चलिए विस्‍तार से जानते हैं उन रेखाओं के बारे में।

शनि पर्वत का दबा हुआ होना

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, मध्यमा उंगली के ठीक नीचे का स्थान शनि पर्वत कहलाता है। इसे कर्म, धैर्य, जिम्मेदारी और जीवन के संघर्षों से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि यदि यह पर्वत बहुत दबा हुआ हो या यहां रेखाएं अस्पष्ट हों, तो व्यक्ति को जीवन में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे जीवन आर्थिक अस्थिरता और कामकाज में रुकावटों का संकेत भी बताया जाता है।

छोटा अंगूठा और कमजोर गुरु पर्वत

हस्तरेखा शास्त्र में अंगूठे को इच्छाशक्ति और निर्णय लेने की क्षमता का प्रतीक माना जाता है। वहीं, तर्जनी उंगली के नीचे स्थित गुरु पर्वत का संबंध ज्ञान, आत्मविश्वास, सम्मान और नेतृत्व से जोड़ा जाता है। यदि अंगूठा बहुत छोटा हो या गुरु पर्वत पर कुछ विशेष चिह्न हो, तो यह संघर्ष का संकेत माना जा सकता है। इसे दरिद्र योग का बनना भी कहा जाता है।

 भाग्य रेखा का कटा-फटा होना

हथेली के मध्य भाग से ऊपर की ओर जाने वाली रेखा को भाग्य रेखा कहा जाता है। हस्तरेखा शास्त्र में इसे करियर, जिम्मेदारियों और जीवन की दिशा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि यदि भाग्य रेखा बार-बार कटती हो, उसमें द्वीप जैसे चिह्न हों या वह बहुत अधिक अस्पष्ट हो, तो व्यक्ति को अपने लक्ष्य हासिल करने में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

विवाह रेखा का नीचे की ओर झुकना

हस्तरेखा शास्त्र में छोटी उंगली के नीचे हथेली के किनारे पर स्थित छोटी रेखाओं को विवाह या लव रिलेशनशिप रेखाएं कहा जाता है। माना जाता है कि विवाह रेखा का नीचे की ओर झुकना वैवाहिक जीवन में मतभेद या भावनात्मक चुनौतियों का सामना कराता है। इसी प्रकार, मंगल पर्वत के आसपास विशेष चिह्नों को संघर्ष और वाद-विवाद का संकेत माना जाता है।

चंद्र पर्वत पर क्रॉस का निशान

हथेली के निचले बाहरी हिस्से को चंद्र पर्वत कहा जाता है। हस्तरेखा शास्त्र में इसे कल्पनाशक्ति, भावनाओं और यात्रा से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि चंद्र पर्वत पर क्रॉस या अन्य विशेष चिह्न होने पर व्‍यक्ति को हमेशा मानसिक उलझन, चिंता या निर्णय लेने में कठिनाई आती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।