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दशहरा 2026: अबूझ मुहूर्त का महासंयोग, गाड़ी की खरीदारी से लेकर नए व्यापार तक, क्यों है यह दिन सबसे शुभ?

Published: Sun, 18 Oct 2026 09:47 AM (IST)

विजयदशमी 2026 को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जो नए कार्यों की शुरुआत और खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ है। ...और पढ़ें

क्या है अबूझ मुहूर्त का रहस्य? (Picture Credit: AI Generated)

क्या है अबूझ मुहूर्त का रहस्य? (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में हर साल विजयदशमी के पर्व को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था। इसलिए इस दिन को विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है। विजयदशमी के दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस अबूझ मुहूर्त में वाहन खरीद सकते हैं या किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं? अगर नहीं, तो आइए इस आर्टिकल में इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है अबूझ मुहूर्त?

हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दशहरे के दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति बेहद अनुकूल होती है। इसलिए दशहरे के दिन आप बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ काम कर सकते हैं। आप किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं या नया वाहन खरीद सकते हैं। इन कामों के अलावा, दशहरे के दिन सोना-चांदी खरीदना, नए घर में गृह प्रवेश करना या कहीं निवेश करना भी बेहद शुभ माना जाता है।

धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयदशमी के दिन किसी नए काम की शुरुआत करने से कार्यों में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है और व्यापार में लगातार वृद्धि होती है। साथ ही इस दिन शुरू किए गए काम में कोई बाधा नहीं आती है।

दशहरा 2026 डेट और टाइम (Dussehra 2026 Date and Time)

आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी तिथि की शुरुआत- 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से
आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी तिथि का समापन- 21 अक्टूबर को दोपहर में 2 बजकर 11 मिनट पर
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार दशहरा का पर्व 21 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा।

अगर हम उदया तिथि की मानें तो दशहरा 21 अक्टूबर को मनाया जाना चाहिए, लेकिन दशहरा के दिन प्रदोष काल और विजय मुहूर्त में रावण दहन किया जाता है, तो ऐसे में 20 अक्टूबर को ही मनाना शुभ होगा।

रावण दहन का शुभ मुहूर्त

दशहरा के दिन विजय मुहूर्त - 20 अक्टूबर- दोपहर 01 बजकर 59 मिनट से दोपहर 02 बजकर 45 मिनट तक
प्रदोष काल- 20 अक्टूबर को शाम को 05 बजकर 47 मिनट से

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।