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दशहरे पर 'नीलकंठ' पक्षी का दिखना क्यों माना जाता है शुभ? भगवान राम और शिव जी से जुड़ी है पौराणिक कथा

Published: Fri, 16 Oct 2026 09:34 AM (IST)

दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दिखना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो भगवान शिव और राम की विजय से ...और पढ़ें

दशहरा पर नीलकंठ पक्षी देखने का धार्मिक लाभ

दशहरा पर नीलकंठ पक्षी देखने का धार्मिक लाभ

HighLights

  1. दशहरे पर नीलकंठ पक्षी का दिखना अत्यंत शुभ माना जाता है।

  2. यह पक्षी भगवान शिव और राम की विजय से संबंधित है।

  3. इसके दर्शन से पाप नष्ट होते हैं और सफलता मिलती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस साल शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) 11 अक्तूबर 2026, रविवार से शुरू हो चुकी है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा को समर्पित इस 9 दिवसीय पर्व का समापन 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के मौके पर होगा।

पंचांग के हिसाब से हर वर्ष अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा (Dussehra 2026) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण का वध किया।

दशहरा पर नीलकंठ पक्षी देखने का महत्व

दशहरा को लेकर हिंदू मान्यता है कि इस दिन एक खास पक्षी के दर्शन होना अत्यंत शुभ माना गया है। इस पक्षी का नाम 'नीलकंठ' है।

धार्मिक मान्यता है कि इस पक्षी को भगवान शिव से जुड़ा माना जाता है। हिंदू धर्म में नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना गया है।

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दशहरे पर नीलकंठ पक्षी देखना क्यों माना जाता है शुभ?

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना भाग्यशाली और विजय का प्रतीक माना जाता है। इसके पीछे मुख्य धार्मिक मान्यताएं इस प्रकार हैं-

श्रीराम और रावण विजय की कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण पर विजय पाने के लिए भगवान श्रीराम ने नीलकंठ पक्षी के दर्शन किए थे। इसके पश्चात ही उन्हें रावण पर विजय प्राप्त हुई थी।

भगवान शिव का स्वरूप
नीलकंठ पक्षी को भगवान शिव का प्रतिनिधि या स्वरूप माना जाता है। समुद्र मंथन के समय जब शिवजी ने विषपान किया था, तब उनका कंठ नीला हो गया था और वे 'नीलकंठ' कहलाए थे।

पाप मुक्ति और सफलता
माना जाता है कि दशहरे के दिन इस पक्षी के दर्शन करने से वर्षभर के पाप नष्ट होते हैं और कार्यक्षेत्र में सफलता व प्रगति मिलती है।

प्रचलित पौराणिक कथा क्या कहती है?

पौराणिक कथा के मुताबिक, दशहरे के मौके पर अगर नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो जाए तो समझिए आपके सभी पाप मिट जाते हैं। दशहरे के दिन इस पक्षी को देखना किसी वरदान से कम नहीं है।

इस पक्षी के दर्शन से जीवन में सभी तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक, जब भगवान राम ने रावण का अंत किया था, तो उनपर ब्राह्मण हत्या का पाप लगा था।

इसी दौरान भगवान शिव ने नीलकंठ पक्षी का रूप लिया था। कहा जाता है कि जब भगवान राम ने नीलकंठ पक्षी को देखा तो उनके सभी पाप खत्म हो गए।

तभी से लेकर आज तक यह माना जाता है कि दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी को देखना अत्यंत शुभ माना जाता है। हालांकि अगर ये पक्षी आपको नहीं दिखे तो आप तस्वीर देखकर भी आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।