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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Guru Mantra: नए साल के पहले गुरुवार पर करें बृहस्पति देव के नामों का मंत्र जप, करियर को मिलेगा नया आयाम

By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
Published: Wed, 01 Jan 2025 07:06 PM (IST)

ज्योतिष शास्त्र में गुरु (Devguru Brihspati Mantra) को ज्ञान का कारक माना जाता है। कुंडली में गुरु मजबूत होने से ...और पढ़ें

Devguru Brihaspati 108 Names: देवगुरु बृहस्पति को कैसे प्रसन्न करें?
Devguru Brihaspati 108 Names: देवगुरु बृहस्पति को कैसे प्रसन्न करें?

HighLights

  1. धनु और मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं।
  2. कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति उच्च के होते हैं।
  3. विष्णु जी की पूजा करने से कुंडली में गुरु मजबूत होता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में गुरुवार का दिन बृहस्पति देव को समर्पित होता है। इस दिन देवगुरु बृहस्पति की पूजा की जाती है। साथ ही गुरुवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी परेशानी दूर हो जाती है। ज्योतिष करियर और कारोबार में मनमुताबिक सफलता पाने के लिए कुंडली में गुरु मजबूत करने की सलाह देते हैं। देवगुरु बृहस्पति की पूजा करने से साधक के आय और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अगर आप भी देवगुरु की कृपा पाना चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन विधि पूर्वक बृहस्पति देव की पूजा (Devguru Brihspati Puja Vidhi) करें। साथ ही पूजा के समय बृहस्पति देव के नामों का मंत्र जप करें।

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बृहस्पति देव के 108 नाम

  1. ॐ गुरवे नमः
  2. ॐ गुणाकराय नमः
  3. ॐ गोप्त्रे नमः
  4. ॐ गोचराय नमः
  5. ॐ गोपतिप्रियाय नमः
  6. ॐ गुणिने नमः
  7. ॐ गुणवंतांश्रेष्ठाय नमः
  8. ॐ गुरूनां गुरवे नमः
  9. ॐ अव्ययाय नमः
  10. ॐ जेत्रे नमः
  11. ॐ जयंताय नमः
  12. ॐ जयदाय नमः
  13. ॐ जीवाय नमः
  14. ॐ अनंताय नमः
  15. ॐ जयावहाय नमः
  16. ॐ अंगीरसाय नमः
  17. ॐ अध्वरासक्ताय नमः
  18. ॐ विविक्ताय नमः
  19. ॐ अध्वरकृते नमः
  20. ॐ पराय नमः
  21. ॐ वाचस्पतये नमः
  22. ॐ वशिने नमः
  23. ॐ वश्याय नमः
  24. ॐ वरिष्ठाय नमः
  25. ॐ वाग्विचक्षणाय नमः
  26. ॐ चित्तशुद्धिकराय नमः
  27. ॐ श्रीमते नमः
  28. ॐ चैत्राय नमः
  29. ॐ चित्रशिखंडिजाय नमः
  30. ॐ बृहद्रथाय नमः
  31. ॐ बृहद्भानवे नमः
  32. ॐ बृहस्पतये नमः
  33. ॐ अभीष्टदाय नमः
  34. ॐ सुराचार्याय नमः
  35. ॐ सुराराध्याय नमः
  36. ॐ सुरकार्यहितंकराय नमः
  37. ॐ गीर्वाणपोषकाय नमः
  38. ॐ धन्याय नमः
  39. ॐ गीष्पतये नमः
  40. ॐ गिरीशाय नमः
  41. ॐ अनघाय नमः
  42. ॐ धीवराय नमः
  43. ॐ धीषणाय नमः
  44. ॐ दिव्यभूषणाय नमः
  45. ॐ धनुर्धराय नमः
  46. ॐ दैत्रहंत्रे नमः
  47. ॐ दयापराय नमः
  48. ॐ दयाकराय नमः
  49. ॐ दारिद्र्यनाशनाय नमः
  50. ॐ धन्याय नमः
  51. ॐ दक्षिणायन संभवाय नमः
  52. ॐ धनुर्मीनाधिपाय नमः
  53. ॐ देवाय नमः
  54. ॐ धनुर्बाणधराय नमः
  55. ॐ हरये नमः
  56. ॐ सर्वागमज्ञाय नमः
  57. ॐ सर्वज्ञाय नमः
  58. ॐ सर्ववेदांतविद्वराय नमः
  59. ॐ ब्रह्मपुत्राय नमः
  60. ॐ ब्राह्मणेशाय नमः
  61. ॐ ब्रह्मविद्याविशारदाय नमः
  62. ॐ समानाधिकनिर्मुक्ताय नमः
  63. ॐ सर्वलोकवशंवदाय नमः
  64. ॐ ससुरासुरगंधर्ववंदिताय नमः
  65. ॐ सत्यभाषणाय नमः
  66. ॐ सुरॆंद्रवंद्याय नमः
  67. ॐ देवाचार्याय नमः
  68. ॐ अनंतसामर्थ्याय नमः
  69. ॐ वेदसिद्धांतपारंगाय नमः
  70. ॐ सदानंदाय नमः
  71. ॐ पीडाहराय नमः
  72. ॐ वाचस्पतये नमः
  73. ॐ पीतवाससे नमः
  74. ॐ अद्वितीयरूपाय नमः
  75. ॐ लंबकूर्चाय नमः
  76. ॐ प्रकृष्टनेत्राय नमः
  77. ॐ विप्राणांपतये नमः
  78. ॐ भार्गवशिष्याय नमः
  79. ॐ विपन्नहितकराय नमः
  80. ॐ बृहस्पतये नमः
  81. ॐ सुराचार्याय नमः
  82. ॐ दयावते नमः
  83. ॐ शुभलक्षणाय नमः
  84. ॐ लोकत्रयगुरवे नमः
  85. ॐ सर्वतोविभवे नमः
  86. ॐ सर्वेशाय नमः
  87. ॐ सर्वदाहृष्टाय नमः
  88. ॐ सर्वगाय नमः
  89. ॐ सर्वपूजिताय नमः
  90. ॐ अक्रोधनाय नमः
  91. ॐ मुनिश्रेष्ठाय नमः
  92. ॐ नीतिकर्त्रे नमः
  93. ॐ जगत्पित्रे नमः
  94. ॐ सुरसैन्याय नमः
  95. ॐ विपन्नत्राणहेतवे नमः
  96. ॐ विश्वयोनये नमः
  97. ॐ अनयोनिजाय नमः
  98. ॐ भूर्भुवाय नमः
  99. ॐ धनदात्रे नमः
  100. ॐ भर्त्रे नमः
  101. ॐ जीवाय नमः
  102. ॐ महाबलाय नमः
  103. ॐ काश्यपप्रियाय नमः
  104. ॐ अभीष्टफलदाय नमः
  105. ॐ विश्वात्मने नमः
  106. ॐ विश्वकर्त्रे नमः
  107. ॐ श्रीमते नमः
  108. ॐ शुभग्रहाय नमः

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