विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Chhath Puja Nahay Khay 2025: नहाय-खाय पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, इन बातों का दें ध्यान

Published: Fri, 24 Oct 2025 01:44 PM (IST)

छठ महापर्व का आरंभ नहाय-खाय (Chhath Puja Nahay Khay 2025) से होता है, जो 25 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। ...और पढ़ें

Chhath Puja Nahay Khay 2025: नहाय-खाय के नियम।

Chhath Puja Nahay Khay 2025: नहाय-खाय के नियम।

HighLights

  1. छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है।

  2. यह छठी माता को समर्पित है।

  3. इस साल नहाय-खाय 25 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। 

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chhath Puja 2025: छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है, जो इस चार दिवसीय अनुष्ठान का पहला और सबसे महत्वपूर्ण दिन है। 'नहाय-खाय' का मतलब है 'स्नान करो और खाओ'। यह दिन व्रत की कठिन यात्रा के लिए खुद को तैयार करने का प्रतीक है। इस साल नहाय-खाय (Chhath Puja Nahay Khay 2025) 25 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन व्रती और पूरे परिवार को विशेष नियमों का पालन करना होता है, तो आइए उन नियमों के बारे में जानते हैं।

10_11_2018-chhath_puja_18622745 (1)

नहाय-खाय पर क्या करें? (Do's on Nahay Khay)

  • इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। अगर यह मुश्किल है, तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • व्रत शुरू करने से पहले पूरे घर को अच्छी तरह से साफ करें। पवित्रता इस पर्व का मूल आधार है। |
  • स्नान के बाद नए या साफ कपड़े पहनें और भगवान सूर्य के सामने छठ व्रत का संकल्प लें।
  • इस दिन सात्विक भोजन ही करें।
  • व्रती इस दिन सूर्य को जल अर्पित करने के बाद केवल एक बार ही भोजन करती हैं।
  • प्रसाद बनाने के लिए उपयोग होने वाले बर्तनों को अच्छी तरह साफ कर लें।
  • इस दिन गरीब या जरूरतमंदों को चावल, दूध या पीले वस्त्र का दान करें।

नहाय-खाय पर क्या नहीं करें? (Don'ts on Nahay Khay)

  • इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मछली, अंडे, शराब या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन न करें। यह नियम व्रती के साथ पूरे परिवार पर लागू होता है।
  • इस दिन बाजार का तला-भुना या अपवित्र माना जाने वाला कोई भी भोजन न करें।
  • इस दिन मन और वचन की पवित्रता बनाए रखें। किसी से झगड़ा, झूठ बोलना या गुस्सा न करें।
  • इस दिन व्रती को बिना स्नान किए किसी भी चीज को छूना या खाना नहीं चाहिए।
  • भोजन में साधारण नमक का उपयोग न करें।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।