विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चाणक्य नीति: जीवन में जहर घोल देते हैं ये 4 लोग, सुखी रहना है तो आज ही छोड़ दें इनका साथ

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:59 AM (IST)

आचार्य चाणक्य के अनुसार, जीवन में शांति और सफलता के लिए 4 ऐसे लोगों से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए ...और पढ़ें

आचार्य चाणक्य की सीख (AI-Generated Image)

आचार्य चाणक्य की सीख (AI-Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य को भारत के सबसे महान कूटनीतिज्ञों और मार्गदर्शकों में से एक माना जाता है। उनकी 'चाणक्य नीति' आज भी उतनी ही कारगर है, जितनी सदियों पहले हुआ करती थी।

चाणक्य ने सिर्फ अर्थशास्त्र या राजनीति के मामलों में ही नहीं, बल्कि हमारे निजी रिश्तों, समाज और धर्म को लेकर भी कई ऐसी बातें बताई हैं, जो इंसान को जीवन जीने का सही तरीका सिखाती हैं।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति के चौथे अध्याय के 16वें श्लोक में एक बहुत ही काम की बात कही है:

त्यजेद्धर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत्।
त्यजेत्क्रोधमुखी भार्या नि:स्नेहान्बान्धवांस्यजेत्।।

इस श्लोक का अर्थ है कि जीवन में कुछ चीजें और कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जो सिर्फ आपकी तकलीफ बढ़ाते हैं। एक खुशहाल और तनावमुक्त जीवन के लिए ये 4 त्याग कर देना ही सबसे बड़ी समझदारी है। अब चलिए बताते हैं कि आखिर उन्होंने इस श्लोक में किसे त्यागने की बात कही है।

1. ऐसा धर्म जिसमें दया न हो

चाणक्य नीति के अनुसार, किसी भी धर्म का मूल आधार इंसानियत, दया और प्रेम होता है। अगर कोई धर्म या मान्यता आपको दूसरों के प्रति कठोर बनाती है, तो उसे तुरंत छोड़ देना ही भलाई है। बिना दया के धर्म इंसान को सिर्फ गलत रास्ते पर ले जाता है और उसकी आत्मा का पतन कर देता है।

2. ज्ञान से खाली गुरु यानी विद्याहीन गुरु

गुरु का असली काम शिष्य को अज्ञान के अंधेरे से निकालकर ज्ञान की रोशनी में ले जाना है। लेकिन, अगर किसी गुरु के पास खुद ही ज्ञान न हो, तो वह आपका मार्गदर्शन क्या ही करेगा? ऐसे अज्ञानी गुरु के साथ जुड़े रहना सिर्फ अपना समय बर्बाद करना है।

3. बिना प्यार वाले रिश्तेदार

रिश्ते प्यार और अपने-पन से चलते हैं। अगर आपके परिवार या रिश्तेदारों में आपके लिए कोई लगाव या स्नेह नहीं है, तो ऐसे रिश्तों को ढोने का कोई फायदा भी नहीं है। मतलबी रिश्तेदार वक्त आने पर सिर्फ परेशानी ही देते हैं। इनसे दूरी जितना जल्दी हो सके दूरी बना लेना बेहतर है।

4. हमेशा गुस्सा करने वाली पत्नी

पति-पत्नी का रिश्ता घर का माहौल तय करता है। चाणक्य कहते हैं कि अगर पत्नी बात-बात पर झगड़ती हो और बेवजह गुस्सा करती हो, तो घर का माहौल नर्क के समान हो जाता है। बहुत ज्यादा क्रोध करने वाले जीवनसाथी के साथ रहने से इंसान का पूरा जीवन और परिवार बर्बाद हो सकता है।

यह भी पढ़ें- चाणक्य नीति: इन 4 लोगों को भूलकर भी न बताएं अपनी कमाई, वरना खाली हो सकती है तिजोरी

यह भी पढ़ें- चाणक्य नीति: अमीर बनने के बाद भूलकर भी न करें इन 4 चीजों का दिखावा, पल भर में खाली हो सकती है तिजोरी

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।