चाणक्य नीति: शादी से पहले परख लें पार्टनर के ये 5 गुण, वरना बाद में पछताना पड़ सकता है
चाणक्य नीति के अनुसार, सफल वैवाहिक जीवन के लिए शादी से पहले पार्टनर में कुछ गुणों को परखना आवश्यक है। आइए जानें उनके बारे में।

चाणक्य नीति: सुखी वैवाहिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण गुण (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
शादी से पहले पार्टनर के गुणों को परखना जरूरी।
धार्मिक, धैर्यवान और क्रोध रहित पार्टनर चुनें।
मृदु भाषी और संतुष्टि का गुण वैवाहिक सुख देता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कहा जाता है कि शादियां स्वर्ग से ही निर्धारित होती हैं और धरती पर लोग एक-दूसरे को किसी न किसी माध्यम से ढूढ़ ही लेते हैं। यह रिश्ता सिर्फ एक जन्म का नहीं होता है बल्कि साथ जन्मों के लिए होता है, लेकिन कई बार शादी के रिश्ते में भी मन-मुटाव आने लगते हैं।
कभी किसी भी बात पर ज्यादा उत्तेजित हो जाना, तो कभी बिना वजह पार्टनर के ऊपर गुस्सा निकालना। ऐसे कई कारण होते हैं जो शादीशुदा जीवन में दूरियां लाते हैं। वहीं ऐसा भी होता है कि आप शादी से पहले ही पार्टनर के गुणों और अवगुणों को परख लेते हैं और यह तय कर लेते हैं कि आपका भविष्य कैसा होने वाला है।
आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीतियों में एक अच्छे जीवनसाथी के कुछ गुणों के बारे में बताया है जिनका पालन करके ही आपको पार्टनर चुनना चाहिए। ऐसा करने से आपके वैवाहिक जीवन में हमेशा मधुरता बनी रहती है। आइए जानें आपके पार्टनर में कौन से गुण होने जरूरी होते हैं।
धार्मिक पार्टनर
वैवाहिक जीवन को सफल बनाने के लिए जीवनसाथी का धार्मिक होना भी जरूरी है। जो भी जीवन में उन्नति करना चाहता है उसके लिए ईश्वर की भक्ति भी जरूरी है। धार्मिक पार्टनर संस्कारवान भी होता है जिससे वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाता है।
धैर्यवान
चाणक्य ने अपनी नीतियों में बताया है कि आपके होने वाले जीवनसाथी के लिए धैर्यवान होना बहुत जरूरी है। आपको शादी से पहले पार्टनर में ये गन जरूर परख लेना चाहिए, जिससे आपका वैवाहिक जीवन अच्छा बना रहे और कभी भी बिना वजह कलह-कलेश न हो।
क्रोध न करने वाला
क्रोध किसी भी रिश्ते को खराब कर सकता है, इसलिए आपको हमेशा शादी के लिए ऐसा पार्टनर ही चुनना चाहिए जो कि क्रोध न करता हो या फिर क्रोध को अपने वश में करना जानता हो।
मृदु भाषी
आपको पार्टनर के रूप में ऐसे व्यक्ति का चुनाव करना चाहिए जो मीठा बोलता हो। आपकी वाणी जीवन में बहुत से उतार-चढ़ाव ला सकती है। यदि आप मीठा बोलने वाला पार्टनर चुनेंगे तो आपके वैवाहिक जीवन में लड़ाई-झगडे न के बराबर होंगे।
संतुष्टि का गुण
यदि आपके पार्टनर में ये गुण मौजूद होता है, तो ये आपके लिए बहुत अच्छा हो सकता है। कई लोग जीवन में कभी भी चीज से संतुष्ट नहीं होते हैं और आप उनके लिए कितना भी बड़ा त्याग क्यों न कर दें उन्हें कम ही लगता है। ऐसा पार्टनर वैवाहिक जीवन को खराब कर सकता है।
चाणक्य की नीति में लिखा है यह श्लोक
आचार्च चाणक्य ने अपनी नीतियों के प्रथम अध्याय के का 14वें श्लोक में शादी से पहले अच्छे जीवनसाथी के गुणों के बारे में बताते हैं। यह श्लोक बताता है कि आपको शादी से पहले होने वाले पार्टनर में कौन से गुणों को देखना चाहिए।
'वरयेत् कुलजां प्राज्ञो विरूपामपि कन्यकाम्। रूपशीलां न नीचस्य विवाह: सदृशे कुले।।'
इस श्लोक का सीधा सा मतलब है कि-
एक बुद्धिमान व्यक्ति को हमेशा अच्छे परिवार की लड़की से ही विवाह करना चाहिए। भले ही वह बहुत ज्यादा सुंदर न हो, लेकिन कभी भी नीची पृष्ठभूमि वाले परिवार से विवाह के लिए लड़की का चुनाव न करें।
आप हमेशा समान पृष्ठभूमि वाले परिवार में ही विवाह करें। इस श्लोक में बताया गया है कि पार्टनर के लिए सुंदरता से ज्यादा उसके संस्कार महत्वपूर्ण होते हैं।
अगर आप भी चाणक्य की नीतियों के अनुसार ही अपने जीवनसाथी का चुनाव करेंगे, तो आपकी शादी हमेशा सफल रहेगी।
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