चैत्र माह में कब है Bhalchandra Sankashti Chaturthi? इस मुहूर्त में करें भगवान गणेश की पूजा
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव के पुत्र गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही सुख-शांति की प्राप्ति के लिए विधिपूर्वक व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत करने से साधक को गणपति बप्पा की कृपा प्राप्त होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही श्रद्धा अनुसार धन और अन्न का दान करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन शुभ कामों को करने से काम में आ रही रुकावट खत्म होती है और साधक को भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। चैत्र माह में भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 2025 शुभ मुहूर्त (Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2025 Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 17 मार्च को रात 07 बजकर 33 मिनट से होगी और तिथि का समापन अगले दिन यानी 18 मार्च को रात 10 बजकर 09 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में 17 मार्च को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी।
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ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 53 मिनट से 05 बजकर 41 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 52 मिनट तक
अमृत काल- सुबह 07 बजकर 34 मिनट से 09 बजकर 23 मिनट तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 28 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 31 मिनट पर
चन्द्रोदय - सुबह 09 बजकर 18 मिनट पर
चन्द्रास्त - सुबह 07 बजकर 50 मिनट पर
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि (Bhalchandra Sankashti Chaturthi Puja Vidhi)
- भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद पूजा की शुरुआत करें।
- देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और भगवान गणेश के मंत्रों का जप करें।
- इसके बाद जीवन में खुशियों के आगमन के लिए गणपति बप्पा से कामना करें।
- मोदक और फल का भोग लगाएं।
- आखिरी में लोगों में प्रसाद बाटें और खुद भी ग्रहण करें।
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन इन बातों का रखें ध्यान
- इस दिन सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें।
- अन्न और धन का मंदिर या गरीब लोगों में दान करें।
- व्रत से जुड़े नियम का पालन करें।
- गणेश चालीसा और मंत्रों का जप करें।
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