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Ashadha Purnima 2024: कब है आषाढ़ पूर्णिमा? नोट करें चंद्रोदय समय, स्नान-दान और पूजा मुहूर्त

इस साल आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और स्नान-दान का खास महत्व है। ऐसा माना जाता है जो जातक इस पवित्र दिन का उपवास रखते हैं और चंद्र देव को अर्घ्य देते हैं उनकी सभी मुरादें पूर्ण होती हैं। इसके साथ ही यह तिथि स्नान-दान के लिए बहुत शुभ मानी जाती है।

By Vaishnavi Dwivedi Edited By: Vaishnavi Dwivedi Thu, 11 Jul 2024 01:53 PM (IST)
Ashadha Purnima 2024: आषाढ़ पूर्णिमा स्नान और दान शुभ समय -

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सभी पूर्णिमा का अपना- अपना महत्व है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन लोग भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, चंद्र देव और शिव जी की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि यह समय स्नान-दान और पूजा-पाठ के लिए बहुत शुभ माना जाता है, जब पूर्णिमा (Ashadha Purnima 2024) को कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, तो आइए इस दिन से जुड़े शुभ मुहूर्त और स्नान-दान का समय जान लेते हैं, जो इस प्रकार हैं -

कब है आषाढ़ पूर्णिमा 2024?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ मा​ह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 20 जुलाई दिन शनिवार को शाम 05 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 21 जुलाई दिन रविवार को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को मनाई जाएगी।

चंद्रोदय समय

शाम 6 बजकर 47 मिनट पर। इस दौरान चंद्रमा को दूध और जल मिलाकर अर्घ्य दें। साथ ही उनके वैदिक मंत्रों का जाप करें।

आषाढ़ पूर्णिमा स्नान और दान शुभ समय

इस साल आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत 20 जुलाई को रखा जाएगा। इसके साथ ही स्नान और दान के लिए 21 जुलाई का दिन मान्य रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किया गया स्नान शुभ माना जाता है। ऐसे में स्नान और दान प्रात: 05 बजकर 37 मिनट से शुरू कर सकते हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग - प्रात: 5 बजकर 37 मिनट से अगले दिन यानी 22 जुलाई को मध्य रात्रि 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

पूजा मुहूर्त - प्रात: 07 बजकर 19 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।