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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Aaj ka Panchang 19 January 2025: रविवार पर बन रहे हैं ये शुभ योग, पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त

Published: Sun, 19 Jan 2025 06:00 AM (IST)Updated: Sun, 19 Jan 2025 09:03 AM (IST)

आज यानी 19 जनवरी को रविवार का व्रत किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत करने ...और पढ़ें

Aaj ka Panchang 19 January 2025 पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त।
Aaj ka Panchang 19 January 2025 पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माघ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि आज यानी 19 जनवरी को है। इस तिथि पर रविवार पड़ रहा है। सनातन धर्म में रविवार के दिन सूर्य देव की उपासना करने का विधान है। साथ ही सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार रविवार पर कई शुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में चलिए पंडित हर्षित शर्मा जी से जानते हैं आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त (Today Puja Time) के विषय में।

आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 19 January 2025)

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 15 मिनट पर

सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 50 मिनट पर

चंद्रोदय- रात 10 बजकर 55 मिनट पर

चंद्रास्त- सुबह 10 बजकर 27 मिनट पर

वार - रविवार

ऋतु - शिशिर

शुभ समय (Today Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक

विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 18 मिनट से 03 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 47 मिनट से 06 बजकर 14 मिनट तक

अमृत काल- सुबह 09 बजकर 30 मिनट से लेकर 11 बजकर 17 मिनट तक

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अशुभ समय

राहुकाल - दोपहर 04 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 50 मिनट तक

गुलिक काल - दोपहर 03 बजकर 11 मिनट से 04 बजकर 30 मिनट तक

दिशा शूल - पश्चिम

नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबल - भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम - मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

सूर्य देव के इन मंत्रो का करें जप

ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः ।

ॐ सूर्याय नम: ।

ॐ घृणि सूर्याय नम: ।

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।