आज का पंचांग 14 सितंबर 2026: हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का संयोग, पढ़ें बप्पा की स्थापना और तीज का मुहूर्त
आज 14 सितंबर 2026 को भाद्रपद माह की शुक्ल तृतीया और चतुर्थी तिथि के संयोग में गणेश चतुर्थी और हरतालिका ...और पढ़ें
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Aaj ka Panchang 14 September 2026: किस मुहूर्त में करें गणेश स्थापना? (AI Generated Image)
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। पंचांग के अनुसार, आज यानी 14 सितंबर को भाद्रपद माह के शुक्ल तृतीया तिथि प्रातः 07 बजकर 06 मिनट तक है। फिर चतुर्थी तिथि की शुरुआत होगी। ऐसे में आज गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2026) और हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) का पर्व मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर ब्रह्म दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। भगवान शिव-पार्वती के अखंड सौभाग्य के आशीर्वाद और विघ्नहर्ता श्री गणेश के जन्मोत्सव का यह दुर्लभ दिन धार्मिक अनुष्ठानों और नई शुरुआत के लिए अधिक शुभ माना रहा है। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 14 September 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि: शुक्ल तृतीया
मास: भाद्रपद
दिन: सोमवार
संवत्: 2083
तिथि: शुक्ल पक्ष की तृतीया – प्रातः 07 बजकर 06 मिनट तक, फिर चतुर्थी तिथि
योग: ब्रह्म – दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक, फिर ऐन्द्र
करण: गरज – प्रातः 07 बजकर 06 मिनट तक
करण: वणिज – सायं 07 बजकर 20 मिनट तक, फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 05 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 28 मिनट
चंद्रोदय का समय: प्रातः 09 बजकर 06 मिनट
चंद्रास्त का समय: रात्रि 08 बजकर 04 मिनट
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: तुला राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक
अमृत काल: प्रातः 07 बजकर 18 मिनट से प्रातः 08 बजकर 57 मिनट तक (तथा अगले दिन तड़के 06 बजकर 01 मिनट से 07 बजकर 43 मिनट तक)
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 07 बजकर 38 मिनट से प्रातः 09 बजकर 11 मिनट तक
गुलिकाल: दोपहर 01 बजकर 49 मिनट से दोपहर 03 बजकर 22 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 1 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव चित्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
चित्रा नक्षत्र: दोपहर 01 बजकर 55 बजे तक, फिर स्वाती
स्थान: 23°20’ कन्या राशि से 6°40’ तुला राशि तक
नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव
राशि स्वामी: बुधदेव और शुक्रदेव
देवता: त्वष्टा (सृजन और निर्माण के देवता)
प्रतीक: चमकता हुआ रत्न (मणि)
सामान्य विशेषताएं: बुद्धिमान, सुंदर शरीर, आकर्षक आंखें, कलाप्रेमी, मजबूत इच्छाशक्ति, साहसी, ऊर्जावान, पारखी नजर, विलासी, कभी-कभी चिड़चिड़े, थोड़े कंजूस।
हरतालिका तीज 2026 (Hartalika teej 2026 Shubh Muhurat)
प्रातःकाल हरतालिका पूजा मुहूर्त: सुबह 06 बजकर 05 से 07 बजकर 06 मिनट तक
तृतीया तिथि प्रारंभ: 13 सितंबर, सुबह 07 बजकर 08 मिनट
तृतीया तिथि समाप्त: 14 सितंबर, सुबह 07 बजकर 06 मिनट
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इस दिन मिट्टी व बालू से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाएं बनाकर उनकी विधिवत पूजा की जाती है। देखा जाए तो यह पावन उपवास अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख और संतान की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। यह शुभ दिन रिश्तों में प्रेम और जीवन में संतुलन लाने का एक सुंदर संकेत देता है।
गणेश चतुर्थी 2026 (Ganesh Chaturthi 2026 Shubh Muhurat)
गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 02 से दोपहर 01 बजकर 31 मिनट तक
चंद्र दर्शन से बचने का समय: सुबह 09 बजकर 06 से रात 08 बजकर 04 मिनट तक
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 14 सितंबर, सुबह 07 बजकर 06 मिनट
चतुर्थी तिथि समाप्त: 15 सितंबर, सुबह 07 बजकर 44 मिनट
गणेश विसर्जन तिथि: 25 सितंबर, शुक्रवार
गणेश चतुर्थी का यह पावन पर्व भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गणपति बाप्पा को बुद्धि, समृद्धि और शुभ भाग्य के दाता के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री गणेश का जन्म भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह उत्सव अगस्त या सितंबर के महीने में पड़ता है। यह शुभ दिन जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त करने का संकेत देता है।
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