गणेश चतुर्थी 2026: घर ला रहे हैं गणपति बप्पा? मूर्ति खरीदने और स्थापित करने से पहले रखें इन 5 जरूरी बातों का ध्यान
गणेश चतुर्थी पर घर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। ...और पढ़ें
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गणेश चतुर्थी पर गणपति प्रतिमा से जुड़े जरूरी नियम (Picture Credits- AI Images)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित बेहद खास हिंदू त्योहार है, जिन्हें बाधाओं को दूर करने वाले, ज्ञान प्रदान करने वाले और शुभ शुरुआत के रूप में पूजा जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी का त्योहार 14 सितंबर 2026, सोमवार के दिन है।
गणेश चतुर्थी के साथ ही 10 दिन का भव्य गणेश उत्सव शुरू हो जाता है। इस दौरान गणेश जी को घर में विधिपूर्वक स्थापित करने के साथ पूजा-पाठ की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि, गणेश चतुर्थी के मौके पर बप्पा को घर में लाने से तमाम तरह के विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही जीवन में खुशियां बनी रहती हैं।
गणेश प्रतिमा लाने से पहले इन बातों को न करें नजरअंदाज
ऐसे में अगर आप इस साल अपने घर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी नियमों का ध्यान जरूर रखें। धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के मुताबिक, गणपति बप्पा को घर लाने के लिए सजावट ही काफी नहीं है, बल्कि उसके साथ-साथ गणेश प्रतिमा का रंग, कद से लेकर उनकी सूड़ किस दिशा में होनी चाहिए? इन सभी बातों का जानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं गणेश मूर्ति स्थापित करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
गणेश जी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए?
गणेश चतुर्थी के लिए उनकी मूर्ति खरीदते समय प्रतिमा की ऊंचाई का खास ध्यान रखें। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में मूर्ति रखने के लिए 9 से 11 इंच की मूर्ति सबसे सही मान जाती है। बड़ी मूर्ति खरीदने पर पूजा करने से लेकर विसर्जन करने तक काफी परेशानी हो सकती है।
भगवान गणेश की मूर्ति खरीदते समय उनकी मुद्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। घर में स्थापित करने के लिए बप्पा की बैठी हुई मुद्रा सबसे सही मानी जाती है। इस अवस्था को शांति, स्थिरता और स्थायी सुख का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही मूर्ति में उनकी 4 भुजाएं हो, जिसमें ऊपरी बाएं हाथ में पाश, दाएं हाथ में अंकुश, नीचे वाले बाएं हाथ में मोदक और दायां हाथ अभय मुद्रा में सही मानी जाती है।

बप्पा की सूंड किस दिशा में होनी चाहिए?
गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय उनकी सूंड की दिशा का भी खास ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, बाईं ओर मुड़ी हुई सूंड़ की मूर्ति सबसे शुभ मानी जाती है। ये शांति और समृद्धि का प्रतीक होती है। गणेश जी की ऐसी मूर्ति को वाममुखी मूर्ति भी कहा जाता है।
दाएं ओर मुड़ी सूंड़ वाली गणपति मूर्ति को सिद्धिविनायक कहा जाता है। भगवान गणेश का यह स्वरूप काफी प्रभावशाली माना जाता है। इनकी पूजा करने के काफी मुश्किल नियम होते हैं।
गणेश जी का वाहन
भगवान गणेश की मूर्ति खरीदते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि, उनके पैरों के पास मूषक है या नहीं। मूषक राज को भगवान गणेश का वाहन भी कहा जाता है। गणेश चतुर्थी के लिए मूर्ति खरीदते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि उनके पैरों के पास उनका वाहन है या नहीं।
भगवान गणेश की मूर्ति का मुख किस दिशा में हो
घर में भगवान गणेश की प्रतिमा विराजते हुए इस बात का ध्यान रखें कि बप्पा का मुख पूर्व या फिर उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। पूजा के दौरान बप्पा का मुख पूर्व या उत्तर दिशा में होना सही माना जाता है।
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