गणेश चतुर्थी 2026: पहले दिन मोदक से लेकर 10वें दिन के महाप्रसाद तक, जानें गणपति के 10 दिनों के भोग का महत्व
गणेश उत्सव के 10 दिनों के दौरान भगवान गणेश को अर्पित किए जाने वाले विभिन्न भोगों के बारे में जानिए। ...और पढ़ें

10 दिवसीय गणेश चतुर्थी प्रसाद सूची

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का त्योहार हिंदू धर्म के अत्यंत खास त्योहारों में शामिल है, जिसे देशभर में बड़ी ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। दस दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश को अलग-अलग तरह के भोग लगाए जाते हैं।
सच्चे मन से बनाए गए घरेलू प्रसाद से प्रत्येक दिन को और भी ज्यादा सार्थक बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं गणेश महोत्सव के दस दिनों में भगवान गणपति को किन-किन चीजों का भोग लगाना चाहिए?
पहला दिन मोदक
गणेश चतुर्थी के पहले दिन के मौके पर आप भगवान गणेश को गुड़ और नारियल से बने मोदक भोग में लगा सकते हैं।
दूसरे दिन लड्डू
भगवान गणेश को मिष्ठान बेहद पसंद है, इसलिए गणेश महोत्सव के दूसरे दिन उन्हें बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाना अत्यंत खास माना जाता है। ये मिठाइयां बनाने में काफी आसान होती हैं।
तीसरे दिन नारियल का प्रसाद
ताजा नारियल या नारियल से बने प्रसाद को अर्पित कर सकते हैं। हिंदू अनुष्ठानों में नारियल को बेहद पवित्र और खास माना जाता है।
चौथे दिन फलों की थाली
गणेश चतुर्थी के चौथे दिन भगवान गणेश को केले, सेब, अनार, अंगूर इन्हीं सभी का भोग लगाना चाहिए, जो सेहत के लिहाज से भी सही माना जाता है। इस प्रसाद में आपको कुछ भी पकाने की जरूरत नहीं है।
पांचवें दिन खीर
गणेश चतुर्थी के 5वें दिन आप भगवान गणपति को दूध की खीर अर्पित कर सकते हैं। हिंदू परंपरा में खीर एक पारंपरिक व्यंजन है, जो मन को सुकून देने के साथ पवित्र माना जाता है।
छठें दिन पूरन पोली
इस प्रसाद को बनाने के लिए गुड़ और चने की दाल का इस्तेमाल किया जाता है। भगवान गणेश को श्रद्धापूर्वक पूरन पोली का प्रसाद अर्पित करना चाहिए।
सातवें दिन सूजी का हलवा
गणेश पूजा के सातवें दिन आपको घी, सूजी और चीनी से युक्त सूजी का हलवा बनाना चाहिए। यह हलवा जल्दी बनकर तैयार हो जाता है, जो भगवान गणेश को भोग लगाने के लिए एकदम सही माना जाता है।
आठवें दिन सूखे मेवे
भगवान गणेश की पूजा के 8वें दिन आप उन्हें बादाम, काजू, किशमिश और खजूर का मिश्रण भोग में लगा सकते हैं। सूखे मेवे हल्के और सेहत के लिहाज से काफी सही माने जाते हैं।
नौवां दिन पेड़ा और दूध की मिठाइयां
जैसे-जैसे गणेश उत्सव अपने समापन की ओर बढ़ें उन्हें नरम दूध के पेड़े का भोग लगा सकते हैं। यह भोग सरल और बेहद पवित्र माना जाता है, जो नौवें दिन के लिए एकदम सही प्रसाद है।
दसवें दिन महाप्रसाद
गणेश चतुर्थी के अंतिम दिन पर बप्पा को भोग के रूप में मिठाई, पूड़ी, सब्जी, खीर और फलों समेत एक पूरी पारंपरिक थाली अर्पित करनी चाहिए।
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